कुल्लू। शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां-लड़कों से कम नहीं हैं। जिले के स्कूलों में लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक है। कोरोना के बाद स्कूल खुलने पर दो साल पूर्व की भांति ही स्कूलों में लड़कियों की उपस्थिति लड़कों से अधिक रही है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के पास पहली से आठवीं तक 19021 छात्राएं पंजीकृत हैं, जबकि छात्रों की संख्या इनसे कम है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार 18967 छात्र पंजीकृत हैं। कोरोना के कारण लड़के-लड़कियों के शिक्षा के अनुपात में फर्क आने के कयास लगाए जा रहे थे।
जिला मुख्यालय स्थित स्कूलों का निरीक्षण करने और विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार पाया गया कि पहली से आठवीं कक्षा तक लड़कों से अधिक लड़कियां विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत हैं।
हर क्षेत्र में बेहतर कर रही लड़कियां
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू सुरजीत राव ने वर्तमान में हर क्षेत्र में लड़कियां बेहतर कर रही हैं। इसके लिए अभिभावकों का जागरूक होना आवश्यक होता है, जो जिला कुल्लू में देखने को मिल रहा हे। अभिभावक लड़कियों को शिक्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग के पास लड़कों से अधिक लड़कियां पांचों शिक्षा खंडों में पंजीकृत हैं।
लड़का-लड़की एक समान, किस बात का भेदभाव
अभिभावक आनंद सूद ने कहा कि लड़का-लड़की एक समान है। ऐसे में किस बात का भेदभाव करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने हर अभिभावक का कर्तव्य है।
बच्चों को शिक्षित करना अभिभावकों का पहला कर्तव्य
अभिभावक रहमत अली ने कहा कि वह अपनी लड़की को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लड़का-लड़की में भेदभाव नहीं करना चाहिए।