उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। बच्चों के टीकाकरण में जिला लाहौल-स्पीति के अभिभावक पूरी तरह से सहयोग दें, जिससे अभियान को सफल बनाया जा सके। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह वैद्य ने कहा कि अभिभावक घर में छोटे बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें।
स्कूलों में शिक्षकों की ओर से कोरोना वैक्सीन के लिए बच्चों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लाहौल-स्पीति ने पांच से 11 साल तक के बच्चों का स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में 12 से 14 साल के बाद अब पांच से 11 साल के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगेगी। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अभिभावकों को सहयोग करना चाहिए
जसरथ गांव के गणेश लाल का कहना है कि बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण बहुत जरूरी है। सभी अभिभावकों को भी इस तरह के अभियान को सफल बनाने में सहयोग करना चाहिए।
टीकाकरण सुरक्षित, उठाएं लाभ
कमरिंग गांव के शाम गौतम का कहना है कि टीकाकरण सुरक्षित है। सरकार ने इसकी निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाई है। इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए। अभिभावकों को भी सुविधा का लाभ लेना चाहिए।
बच्चों को देखकर बढ़ा हौसला
थिरोट स्कूल की तमन्ना ने कहा कि शुरू में उनको टीके के नाम से ही डर लगता था। अब अन्य बच्चों को देखकर उनका हौसला बढ़ गया है। अब वह भी जल्द टीका लगाकर अन्य बच्चों को प्रेरित करना चाहती है।
टीका लगने के बाद अभिभावक भी चिंता मुक्त
केलांग स्कूल की अनुष्का राणा ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा जरूरी है। बच्चों को टीका लगने के बाद अभिभावक भी चिंता मुक्त हो जाएंगे। वह टीका लगवाने के लिए अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है।