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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य : वैक्सीनेशन में बच्चों में बड़ों को पीछे छोड़ा

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कुल्लू स्कूल में कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले विद्यार्थी। -संवाद - फोटो : Kullu
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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य : वैक्सीनेशन में बच्चों में बड़ों को पीछे छोड़ा
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ढाई सप्ताह में चार हजार लोगों की बजाय 11571 बच्चों ने लगवाई वैक्सीन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में वैक्सीनेशन में छोटे बच्चों ने बड़ों को पीछे छोड़ दिया है। इन दिनों जिले में 12 से 14 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बच्चों की संख्या को देखते हुए स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीनेशन केंद्र स्थापित कर रहा है।
महज ढाई सप्ताह में जिला कुल्लू में 11571 बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज प्रदान की जा चुकी है। विभाग माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य कर रहा है, जिसमें विभाग को निरंतर सफलता मिल रही है। गौर रहे कि कोरोना काल में जब लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा रही थी तो उस दौरान ढाई सप्ताह की अवधि में महज तीन से चार हजार लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई थी, लेकिन बच्चों ने बड़ों को वैक्सीनेशन में पीछे छोड़ दिया है। बच्चे भी वैक्सीन लगवाने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं। बच्चे बिना किसी डर के नजदीकी वैक्सीनेशन केंद्र में जाकर वैक्सीन की पहली डोज लगवा रहे हैं। वैक्सीनेशन में लड़कों समेत लड़कियां भी बढ़-चढ़ कर आगे आ रही हैं। बच्चों के अनुसार वैक्सीन लग जाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। साथ ही कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से भी बचे रहेंगे। इस संबंध जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दोरजे अंगरूप ने कहा कि कुल्लू जिला में अब तक 11571 बच्चों को वैक्सीन प्रदान की गई है।
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वैक्सीन का नहीं पड़ा दुष्प्रभाव
नरेंद्र कुमार ने कहा कि वैक्सीन का किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्हें वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ भी महसूस नहीं हुआ है। वह स्वयं को अब कोरोना से सुरक्षित कर चुके है।
टीका लगाकर दी महामारी को मात
राहुल राणा ने कहा कि टीका लगाने से ही कोरोना महामारी को मात दी जा सकती है। ऐसे में उन्होंने वैक्सीन की पहली डोज लगवाकर कोरोना को हराने का प्रयास किया है। इसके लिए अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए।
वैक्सीन से नहीं लगा कोई डर
सृष्टि ठाकुर ने कहा कि उन्हें वैक्सीन से कोई डर नहीं लगा। स्कूल में वैक्सीनेशन के लिए आई टीम ने उनका मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत उन्हें वैक्सीन की डोज दी गई। इससे उनका उत्साह बढ़ा है।
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वैक्सीनेशन के लिए बेसब्री से इंतजार
पायल ने कहा कि उन्होंने वैक्सीन की पहली डोज लगवाकर स्वयं को कोरोना से सुरक्षित कर दिया है। वह वैक्सीनेशन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही थी। स्कूल में वैक्सीनेशन होने से उन्हें दूर नहीं जाना पड़ा।
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