संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के आने से रौनक बढ़ गई है। केंद्रों में बेहतर शिक्षा प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों को केंद्रों में आधुनिक कलाकृतियों और चित्रकला के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। दीवारों पर बनाई गई कलाकृतियां बच्चों को आकर्षित कर रही है।
कलाकृतियों और चित्रकला के माध्यम से बच्चे अ से अनार, ए फोर एप्पल पढ़ना सीख रहे हैं। इससे बच्चे हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला सीख रहे हैं। कलाकृतियों से मनोरंजन होने के साथ बच्चों के ज्ञान का दीप जल रहा है। दीवारों पर विभिन्न जानवरों, पक्षिओं, पशुओं, फूलों व पेड़ों की कलाकृतियां बनाई गई हैं। साथ ही जानवरों, पेड़-पौधों में फर्क के बारे में भी पता चल रहा है। नौनिहाल खेल-खेल में अक्षरों का ज्ञान अर्जित कर रहे हैं। बता दें कि कोरोना काल में दो साल तक शिक्षण संस्थान बंद रहे हैं, जिनमें आंगनबाड़ी केंद्र भी शामिल हैं। इन दो सालों में शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव देखने को मिले हैं। इन्हीं बदलावों में आंगनबाड़ी केंद्रों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। नौनिहालों की शिक्षा को रोचक व रचनात्मक बनाया गया है, जिससे वह बेहतर तरीके से सीख और समझ सके।
उल्लेखनीय है कि जिले के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों की सजावट इस तरह से की गई है जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर सके। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला को भी दीवारों पर ही आकर्षण तरीके से चित्रकला के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में ही छोटी-छोटी वाटिकाओं का निर्माण किया गया है, जिनमें नौनिहाल अपने फुर्सत के पल गुजार रहे हैं।
कलाकृतियों से हुए आकर्षित
युवान सागर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में विभिन्न कलाकृतियां और चित्रकला दीवारों पर बनाई गई हैं। इनसे वे आकर्षित हुए हैं। इन कलाकृतियों को देखकर बच्चाें को पढ़ने में आनंद मिलता है।
घर पर नहीं होती इतनी मस्ती
रेयांश ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में उन्हें सहपाठियों के साथ पढ़ने और खेलने का मौका मिला है। घर पर वह इतनी मस्ती नहीं कर पाते थे। आंगनबाड़ी में रहना उन्हें अच्छा लगता है।
कलाकृतियों से पढ़ाना बेहतर विकल्प
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्णा ने कहा कि कलाकृतियों के माध्यम से नन्हें बच्चों को पढ़ाना बेहतर विकल्प है। कलाकृतियों को देखकर बच्चे आसानी से सीख जाते हैं कि उन्हें क्या बताया जा रहा है।
शारीरिक तौर पर बन रहे सक्षम
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम शर्मा ने कहा कि चित्रकला और खेल गतिविधियों से नौनिहालों को शिक्षा व शारीरिक तौर पर सक्षम बनाया जा रहा है। पढ़ाई के अलावा खेलकूद गतिविधियां बच्चों सेकरवाई जा रही है।