पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब कुल्लू जिले के समस्त किसान-बागवानों ने खेत-खलियानों का रुख कर लिया है। पंचायत और नगर निकाय चुनाव के शोरशराबे के बीच बागवानी और खेती का कार्य ठप पड़ गया था। तमाम किसान और बागवान अपने गांव और शहर की संसद बनाने में व्यस्त थे।
ऐसे में बागवानी और कृषि के तमाम काम रुके पड़े थे। लेकिन, अब सेब बगीचों में प्रूनिंग, तौलिए, खाद और गोबर डालने का काम जोरों से चला हुआ है। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिलने के कारण महिलाएं अधिक संख्या में चुनावी अखाड़े में उतरी थीं। किसान अमित, राजकिशोर, चमन, कमल, अमिताज, सरोज तथा सुरेंद्र ने कहा कि चुनाव में व्यस्त होने के कारण खेतीबाड़ी के काम लटक गए थे।
फलोत्पादक संघ के प्रधान महेंद्र उपाध्याय कहते हैं कि पंचायत चुनाव के चलते घाटी के बगीचों में सन्नाटा पसरा था। जिले के तमाम बागवान भी चुनावी हवा में खो गए थे, लेकिन अब बागवानों ने बगीचों में प्रूनिंग, तौलिए, खाद और गोबर डालने आदि का काम शुरू कर दिया है। किसान सभा के उपाध्यक्ष देव राज नेगी ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद किसानों ने लहसुन, मटर और सब्जियों की गुड़ाई शुरू कर दी है।