कुल्लू। ब्यास नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए एनजीटी की सख्ती पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। एनजीटी के आदेश पर अब जिले में चल रहे कार वॉशिंग और सर्विस सेंटरों में प्रवाह उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाने होंगे। ब्यास नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गठित स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टॉस्क फोर्स कुल्लू ने जिले में 13 कार वॉशिंग और कार सर्विस सेंटरों को नोटिस जारी किए हैं। से सभी सेंटर ब्यास नदी के किनारे स्थापित किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी नोटिसों का जवाब 15 दिन में देना होगा।
कुल्लू से मनाली तक स्थापित कार वॉशिंग और सर्विस सेंटरों में कई खामियां पाई गई हैं। इसमें प्रदूषण बोर्ड की एनओसी भी शामिल है। बिना एनओसी के चल रहे कार वॉश और सर्विस सेंटरों पर अब स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टॉस्क फोर्स ने शिकंजा कस दिया है। एनजीटी ने केस नंबर 637/2018 में ब्यास नदी को स्वच्छ और साफ रखने के आदेश दिए हैं। इसमें कई स्टोन क्रशर भी एनजीटी के निशाने पर हैं, जो ब्यास नदी के आसपास चल रहे हैं। बहरहाल, एनजीटी के आदेशों का पालन करते हुए स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टॉस्क फोर्स ने इस तरह की तमाम गतिविधियों पर कार्रवाई करना शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि एनजीटी ब्यास नदी को पर्यावरण प्रदूषण से दूषित होने को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए है। इससे पहले भी एनजीटी नगर परिषद कुल्लू, आईपीएच, टीसीपी और प्रदूषण बोर्ड को फटकार लगा चुका है। स्पेशल इन्वायरमेंट सर्विलांस टॉस्क फोर्स कुल्लू के अध्यक्ष उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि प्रशासन एनजीटी के आदेशों का पालन कर रहा है। जो भी ब्यास नदी को प्रदूषित करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी।