मार्च बीत रहा, बचाव टीम का गठ नहीं
कोकसर और मढ़ी में 15 मार्च से हो जाती थी पैदल यात्रियों के लिए टीम तैनात
इस बार भारी बर्फबारी और बंद सड़कें बनी रोड़ा
अब यात्रियों के लिए पहली अप्रैल से भेजी जाएगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल प्रशासन और अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के तत्वावधान में हर वर्ष मार्च और नवंबर माह में कोकसर और मढ़ी में पैदल रोहतांग दर्रा पार करने वालों की सुरक्षा के लिए बचाव चौकियां स्थापित की जाती हैं। लेकिन इस बार भारी बर्फबारी और सड़कें बंद होने से बचाव टीम का गठन नहीं हो सका है।
गत वर्ष 15 नवंबर से 25 दिसंबर तक इन पोस्ट ने कार्य किया था, जबकि घाटी में समय से पहले भारी बर्फबारी के बाद दिसंबर के दूसरे हफ्ते में ही रोहतांग दर्रा पूरी तरह से यातायात के लिए बंद होने से पैदल यात्रियों की आवाजाही बंद कर दी गई। ऐसे में लाहौल प्रशासन ने 25 दिसंबर को दोनों छोर के दलों को वापस बुला दिया गया। अमूमन 15 मार्च से दूसरा सेशन शुरू हो जाता है। इस साल रोहतांग सहित घाटी में भारी बर्फबारी और सड़क सुविधा भी नहीं होने और लगातार खराब मौसम से अभी तक बचाव दल की टीम का गठन नहीं हो सका है। सिस्सू पंचायत के चार लोग शनिवार को पैदल रोहतांग दर्रा पार कर मनाली सुरक्षित पहुंचे हैं। फिर भी खराब मौसम और रोहतांग में चलने वाला बर्फीला तूफान किसी समय खतरा बन सकता है। ऐसे में बचाव दल की तैनाती आवश्यक है। केलांग के एसडीएम अमर नेगी ने बताया कि पर्वतारोहण संस्थान मनाली के अतिरिक्त निदेशक से संपर्क कर बचाव चौकियों की स्थापना को लेकर पत्राचार किया गया है। मौसम साफ रहने पर हवाई रैकी कर स्थिति का जायजा लेकर एक अप्रैल से मढ़ी और कोकसर के लिए पैदल यात्रियों की सहायता के लिए टीम भेजी जाएगी।