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आधा दर्जन गांवों में 60 घंटे रहा ब्लैक आउट

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ सटी खराहल घाटी के आधा दर्जन गांव में 60 घंटे तक ब्लैक आउट रहा। बुधवार सुबह नौ बजे से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी, जो शुक्रवार शाम को बहाल हो सकी। इससे सैकड़ों ग्रामीण अंधेरे में रहे। घाटी के बीचोंबीच स्थित ग्राम पंचायत सेऊगी में लगा ट्रांसफार्मर जलने से समस्या उत्पन्न हुई।
बिजली बोर्ड करीब ढाई दिनों तक बिजली की आपूर्ति सुचारु करने में नाकाम रहा है। बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा सैकड़ों ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। ऐसे में ग्रामीणों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि पंचायत के सेऊगी, लोड़ा, अपर बेऊगी, लोअर बेऊगी, कोशाआगे और झौल में ग्रामीणों को सर्द रातें अंधेरे में काटनी पड़ी। स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण रामचंद, पवन, राकेश, अजय, सोहन, सुभम, कमल, रीतिक, भानू ने कहा कि बुधवार की सुबह ट्रांसफार्मर जलने के बाद बोर्ड नया ट्रांसफार्मर शुक्रवार शाम को लगाया है। इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 55 से 60 घंटों तक बिजली के बिना टीवी, रेफ्रीजरेटर, मोबाइल शोपीस बने रहे। उधर, विद्युत बोर्ड के एसडीओ प्रदीप ने कहा कि ट्रांसफार्मर जलने के कारण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति ठप रही। नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।
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ट्रांसफार्मर लाने और ले जाने की व्यवस्था करे बोर्ड
ग्राम पंचायत सेऊगी के उपप्रधान चुनी नेगी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है। बिजली बोर्ड की ओर से संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर ले जाने तथा लाने के लिए कहा जाता है। बोर्ड का निर्देश सरासर गलत है। बोर्ड के उपभोक्ता बिजली का बिल जमा करवा रहे हैं। ऐसे में बोर्ड को उपभोक्ताओं को सेवाएं देनी चाहिए। खराब ट्रांसफार्मर और सामान ले जाने की बोर्ड को स्वयं व्यवस्था करनी चाहिए।
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