कुल्लू। जिला कुल्लू में सड़कों की हालात काफी खस्ता है। जिला कुल्लू में करीब 314 सड़कों का निर्माण किया गया है और इसमें 70 फीसदी करीब 200 सड़कें कच्ची हैं। जिला कुल्लू के बंजार डिवीजन में 90, कुल्लू डिवीजन में 120 तथा बाह्य सराज आनी डिवीजन में 104 सड़कों का निर्माण किया गया है।
मौजूदा समय में सड़कों की बदहाली से जिला के किसान-बागवान को परेशान है ही, वहीं घाटी में सैर सपाटे को पहुंचने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर घाटी के किसान-बागवान सड़कों से काफी नाराज हैं और उन्हें अपने उत्पाद को सब्जी मंडियों में पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। खराब सड़कों से जहां उत्पाद समय पर नहीं पहुंच पाता है तो वहीं सेब, नाशपाती, पलम खराब हो जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी घाटी की इन सर्पीली बदहाल सड़कों में आवाजाही करना किसी खतरे से कम नहीं है। कुल्लू जिला में 63 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जहां आए दिन सड़क हादसे होते आए हैं। इसके अलावा बजौरा से मनाली एनएच-21, भुंतर - मणिकर्ण, मणिकर्ण-बरशैणी, कुल्लू - लगवैली, मनाली-रोहतांग, बंजार-बठाहड़, जलोडी दर्रा होकर गुजरने वाला एनएच - 305, बंजार-औट- औट-सैंज, कुल्लू - मनाली-वामतट, कुल्लू - भेखली - ब्यासर, कुल्लू - पाहनाला, बंजार-गाड़ागुशैणी रोड मुख्य हैं जहां हादसे अधिक होते हैं। कुल्लू पुलिस ने भी जिला में करीब 54 ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया है।
इस संबंध में तिलक राम, मेहर चंद, मनोहर लाल, संजय कुमार, हेम राज शास्त्री, रमेश ठाकुर, जगदीश ठाकुर, लाल सिंह, अमर सिंह तथा तेज राम का कहना है कि चुनावी बेला में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सड़कों को चकाचक करने का वादा करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वह अपने वादों और घोषणाओं को पूरी तरह से भूल जाते हैं। सड़कों का निर्माण व इसकी देखरेख प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। उधर, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ललित भूषण ने कहा कि विभाग द्वारा साल भर सड़कों को चरणबद्ध तरीके से टारिंग करता है। टारिंग हो चुकी सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की जाती है।