कुल्लू। देश-विदेश के सैलानियों की पसंदीदा पर्यटन नगरी मनाली में हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं। मनाली के साथ लगते क्षेत्र बाहंग, वशिष्ठ, अलेउ, प्रीणी, जगतसुख, ओल्ड मनाली, कन्याल, छियाल और रांगड़ी आदि में भी अब बड़े-बड़े होटल बनने से बाजार बन गए हैं। मनाली शहर सहित साथ लगते क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज की समस्या को दूर करने के लिए 218 करोड़ की योजना तैयार की गई है। इस मेगा प्रोजेक्ट का मनाली शहर में नगर परिषद के तहत आने वाले सात वार्डों और साथ लगती सात पंचायतों के 26 गांवों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत मनाली शहर व साथ लगते क्षेत्रों की 77390 आबादी लाभान्वित होगी। इसके चलते गोजरा बिहाल में 18 एमएलडी का सीवेज प्लांट लगाया जाएगा। यह अब तक जिले में सबसे बड़ा सीवेज प्लांट होगा। इतनी क्षमता वाला अभी तक कोई अन्य प्लांट नहीं बना है। इस मेगा प्रोजेक्ट से मनाली व इसके साथ लगती पंचायतों में सीवरेज की दिक्कत नहीं रहेगी। इस मेगा प्रोजेक्ट में पेयजल योजना वाहंग पधर, पेयजल योजना वशिष्ठ, पेयजल योजना अलेउ चचोगा, पेयजल योजना सियाल-नसोगी, पेयजल योजना सिमसा रांगड़ी और चौरी बिहाल स्वीकृत है। इन गांवों को पेयजल स्कीमों से जुड़कर फायदा मिलेगा। पेयजल योजनाओं के तहत पानी के स्टोरेज टैंक भी बनेंगे, जहां से लोगों को पानी की सप्लाई दी जाएगी। उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण शर्मा ने कहा कि इस स्कीम की डीपीआर बनाकर भेजी गई है, जो लगभग अंतिम चरण में है। योजना का मनाली शहर व साथ लगते क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।
14270 मीटर जीआई पाइप लगेगी
योजना के तहत छह पेयजल योजनाओं में सप्लाई देने के लिए 14270 मीटर जीआई पाइप लगेगी। 98507 रनिंग मीटर पाइप लाइन होगी। इसके लिए जल शक्ति विभाग की ओर से योजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। यह मेगा प्रोजेक्ट मनाली के साथ लगते क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
135 लीटर प्रति व्यक्ति मिलेगा पानी
योजना से पंचायत में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी की आपूर्ति होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग 70 लीटर से अधिक पानी की आपूर्ति नहीं करता है। लेकिन मनाली शहर के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए यहां पर 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की आपूर्ति की जाएगी।
पर्यटन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर पेयजल और सीवरेज की सुविधा से मनाली में पर्यटन कारोबार को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कई कारोबारियों ने होटल बनाए हैं। लेकिन सीवरेज आदि की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस योजना का फायदा होटल कारोबारियों को भी मिलेगा। मनाली आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।