अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। आपातकाल स्थिति के बावजूद रोहतांग टनल से निकलने के लिए लोगों को समय पर अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि कुछ रसूखदार और प्रशासन के चहेते आसानी से निर्माणाधीन रोहतांग टनल होकर आवाजाही कर रहे हैं। लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय केलांग में अनुबंध पर तैनात पांच अध्यापक पिछले तीन दिनों से टनल से जाने की अनुमति के लिए उपायुक्त कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
अध्यापकों ने कहा कि 22 दिसंबर को चंडीगढ़ में उनकी परीक्षा है। इसके लिए प्रशासन से टनल होकर जाने की अनुमति मांगी जा रही थी। लेकिन प्रशासन ने समय पर हामी नहीं भरी। हालांकि इसी बीच तांदी डाइट से माइग्रेशन करअन्य जिलों में जाने वाले प्रशिक्षु जेबीटी को प्रशासन की तरफ से अनुमति दी गई। परीक्षार्थी विजेता, पूनम, सोनिका, अनिता और स्वर्ण सिंह परेशान हैं। जिप अध्यक्ष रमेश बुधवार को इन परीक्षार्थियों के लिए फरिश्ता बने। उन्होंने डीसी के समक्ष इन परीक्षार्थियों की समस्या को उठाते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया। आखिरकार उपायुक्त को अनुमति देनी पड़ी। इसके बाद ही यह पांचों परीक्षार्थी बुधवार को टनल होकर केलांग से मनाली पहुंचे। परीक्षार्थियों ने कहा कि अगर जिप अध्यक्ष रमेश ने समय रहते प्रशासन के समक्ष उनका पक्ष नहीं रखा होता तो उनको नुकसान होता। रमेश ने कहा कि प्रशासन को बीमारी तथा परीक्षा जैसी आपात स्थिति में बिना देरी किए जाने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए। पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि आपात स्थिति में अनुमति नहीं देकर प्रशासन तानाशाही कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि अनुमति के लिए उनकी तरफ से भी प्रशासन से अपील की गई। लेकिन अपील को सिरे से खारिज कर दिया गया। उधर, रोहतांग टनल के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर एनएम चंद्राराना ने कहा कि बीमार और परीक्षा जैसे आपात स्थिति में जिला प्रशासन की सिफारिश के बाद टनल प्रबंधन लोगों को आवाजाही की इजाजत दे रहा है।