लाहौल में बर्फबारी से बंद पड़े मार्ग से बर्फ हटाने में जुटी जेसीबी।-संवाद
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कुल्ल। एक हफ्ते से जिला कुल्लू और लाहौल में मौसम खराब चल रहा है। हालांकि मंगलवार सुबह से दोपहर तब मौसम खुल गया था, लेकिन शाम के समय कुल्लू और लाहौल के ऊंचाई वाले इलाकों में फाहे गिरने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भले ही बीआरओ, एनएच अथॉरिटी और लोक निर्माण विभाग ने बंद सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है। बावजूद इसके कुल्लू और लाहौल में 150 से अधिक सड़कों पर बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बंद है।
मंगलवार को कई सड़कों से बर्फ हटाने और बंद पड़े बिजली के ट्रांसफार्मरों का बहाल करने का संबंधित विभागों ने दावा किया है। अटल टनल रोहतांग तीसरे दिन भी वाहनों के लिए अवरुद्ध रही। जबकि औट-बंजार-सैंज हाईवे पूरी तरह से बंद है। इससे बाह्य सराज की 69 पंचायतों का जिला मुख्यालय के लिए करीब एक सप्ताह के लिए संपर्क पूरी तरह से कट गया है। हाईवे को खोलने के लिए एनएच को अब फिर से करीब 15 किलोमीटर से बर्फ को हटाना होगा। उधर, पार्वती घाटी में एक दर्जन बिजली ट्रांसफार्मर के बंद होने से मणिकर्ण क्षेत्र में कई गांवों में तीन दिन से अंधेरा छाया है। लाहौल में भारी बर्फबारी से पानी के पाइपें पूरी तरह से जम गई और लोग बर्फ पिघलाकर गुजर बसर करने को मजबूर है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि घाटी में हुई भारी बर्फबारी को देखते हुए लोगों को हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए संवेदनशील जगहों पर न जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल स्कीमों को बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।