अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में चल रहे निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शुक्रवार को निजी स्कूलों के साथ प्रशासन की बचत भवन में एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त यूनुस ने की। उपायुक्त ने निजी स्कूलों को फीस के नाम पर वसूली जा रही राशि को लेकर फटकार लगाई। इसके साथ कई दिशा-निर्देश भी दिए।
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि फीस व अन्य फंड के नाम पर किसी न किसी रूप में की जा रही भारी भरकम वसूली को तुरंत प्रभाव से बंद कर दें, अन्यथा उनके संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। फीस के अलावा अन्य माध्यमों से भी विद्यार्थियों के अभिभावकों से वसूली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनुस ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान सोसायटी पंजीकरण अधिनियम या इंडियन ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत किए जाते हैं और ये भारी भरकम व्यावसायिक मुनाफा हासिल करने के साधन नहीं हो सकते हैं। जिन संस्थानों में फीस व अन्य फंड के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा रही है, ऐसे संस्थानों का स्पेशल ऑडिट करवाया जाएगा तथा अनियमितताएं पाए जाने पर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फीस और अनावश्यक फंड में कटौती के लिए निजी स्कूल स्वयं पहल करें। एक सप्ताह के भीतर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय को इससे अवगत करवाएं। बैठक में उपस्थित कुछ स्कूल संचालकों ने 10 प्रतिशत कटौती का आश्वासन भी दिया। इस दौरान शिक्षा उपनिदेशक बलवंत सिंह ठाकुर, हंसराज आचार्य आदि मौजूद रहे।
स्कूल 15 दिन में पूरा करें कमियां
शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुविधा, सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों में कोताही नहीं होनी चाहिए तथा सभी नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। अगर किसी स्कूल में ये आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं तो वे 15 दिन के भीतर इन कमियों को पूरा करें। इसे लेकर एक निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लिखित आश्वासन देें। अन्यथा उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।