महासंग्राम 2017, विधानसभा चुनाव
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मनाली (कुल्लू)। मनाली विधानसभा क्षेत्र में दोनों मुख्य दल भाजपा और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला होने का आसार हैं। भाजपा से बागी गजेंद्र सिंह भी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने भाजपा में परिवारवाद के खिलाफ मोर्चा खोला है। वहीं एकजुट कांग्रेस को टक्कर देने भाजपा दिन रात एक कर रही है। कांग्रेस में धर्मवीर धामी की वापसी से संगठन को मजबूती मिली है। जबकि कांग्रेस नेता प्रेम शर्मा ने नामांकन वापस लेते हुए भाजपा का दामन थामा है।
मतदाताओं का रिझाने के लिए देर शाम तक बैठकों का दौर जारी है। जिसमें पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मतदाताओं को जागरूक करने का दावा करते हुए मतदान करने की अपील कर रही है। दुर्गम गांवों में प्रत्याशी पैदल ही दस्तक दे रहे हैं। परिजन समेत युवा अलग-अलग टोलियों में गांव-गांव पहुंच रहे हैं। मनाली विस क्षेत्र से इस बार चुनावी मैदान पर चार प्रत्याशी हैं। गोविंद सिंह ठाकुर पर भाजपा ने दूसरी बार दांव खेला है। वहीं कांग्रेस ने हरि चंद शर्मा को पहली बार मैदान में उतारा है। गजेंद्र सिंह भाजपा से नाराज होकर मैदान पर हैं। जबकि जीत राम बसपा से चुनावी समर में कूदे हैं। 2012 के विस चुनाव में छह प्रत्याशी मैदान पर थे। इस बार नौ उम्मीदवारों ने मनाली विस क्षेत्र से नामांकन भरा था, लेकिन बाद में बागियों को मनाने के बाद पांच ने नामांकन वापस ले लिए थे। इनमें कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टियों के बागी शामिल हैं। मनाली से कांग्रेस टिकट के लिए भुवनेश्वर गौड़, धर्मवीर धामी व हरि चंद शर्मा मुख्य रूप से दौड़ में शामिल थे। आखिरी समय में हरि चंद शर्मा टिकट हासिल करने में सफल रहे। जबकिु भुवनेश्वर गौड़ ने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में कार्य करने का फैसला लिया। धर्मवीर धामी की कांग्रेस में वापसी के साथ उन्होंने नामांकन पत्र वापस ले लिया। उधर, भाजपा में गोविंद सिंह ठाकुर, एडवोकेट महेंद्र ठाकुर टिकट के चाहवान थे। गोविंद सिंह ठाकुर को टिकट मिलने पर महेंद्र ठाकुर ने बतौर आजाद उम्मीदवार नामांकन भी भरा, लेकिन बाद में मनाने पर उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। हालांकि वर्तमान में भी भाजपा का एक बागी गजेंद्र सिंह मैदान में डटे हुए हैं।