सरकार से की कनिष्ठ अभियंता सिविल को तृतीय श्रेणी में रखने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कनिष्ठ अभियंता सिविल बेराेजगार संघ ने कहा कि शानन कमेटी की सिफारिशों के अनुसार तृतीय श्रेणी के कई पद द्वितीय श्रेणी में चले गए हैं। इनमें कनिष्ठ अभियंता सिविल और इलेक्ट्रिकल के पद भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजे मांग पत्र में संघ के अध्यक्ष महेश ठाकुर ने कहा कि इसके लिए वित्त और कार्मिक विभाग को नियम संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने थे, मगर मामले को लेकर वित्त और कार्मिक विभाग उलझा हुआ है। द्वितीय श्रेणी बनने के कारण इन परीक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। यह हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा होगा।
पहाड़ी प्रांत होने के कारण हिमाचल में पहले ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। अगर यह पद अखिल भारतीय पात्रता हो जाएंगे तो हिमाचली युवाओं के हित खतरे में पड़ेंगे।
संघ ने कहा कि 2023-24 में कनिष्ठ अभियंता सिविल के 100 से अधिक पद लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग से कैबिनेट से मंजूरी मिली है। द्वितीय और तृतीय श्रेणी में इन पदों के वर्गीकरण तथा पे-स्केल संबंधित स्पष्ट नियमों के अभाव में पिछले दो वर्षों से भरा नहीं जा सका है। उन्होंने कहा कि इन पदों को भरने में हो रही देरी के कारण विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने सरकार से मांग की है कि कनिष्ठ अभियंता सिविल को तृतीय श्रेणी में रखा जाए।