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Kullu Fire: गांव तक पहुंची होती सड़क तो बच जाता झनियार, खूबसूरत गांव में नजर आ रहे राख के ढेर

Mon, 10 Nov 2025 08:39 PM IST
अंकेश डोगरा प्रीतम शर्मा, गुशैणी (कुल्लू)।

सार

जिला कुल्लू के झनियार गांव तक सड़क नहीं पहुंची है, ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचना मुश्किल थी। एक के बाद एक मकान आग की चपेट में आते रहे और गोशाला भी आग की चपेट में आई। पढ़ें पूरी खबर...
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झनियार गांव में आग के ढेर में तब्दील हुए घर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उपमंडल बंजार की नोहांडा पंचायत के झनियार गांव की तस्वीर बदल गई है। एक दिन घने जंगलों के बीच काष्ठकुणी शैली के मकानों वाले गांव में अब राख के ढेर नजर आ रहे हैं। आग के तांडव के कई घर चपेट में आए। गांव में जब तबाही का मंजर दिखा तो ग्रामीणों के मन में यह टीस जरूर रही कि शायद अगर गांव तक सड़क पहुंची तो ऐसी तबाही नहीं होती।

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गांव तक सड़क नहीं पहुंची है, ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचना मुश्किल थी। एक के बाद एक मकान आग की चपेट में आते रहे और गोशाला भी आग की चपेट में आई। खास बात यह है कि झनियार गांव तक गुशैणी-डिंगचा सड़क वाया तिंदर होकर सड़क पहुंचनी थी। अभी सड़क डिंगचा से करीब एक किलोमीटर पीछे है। डिंगचा से झनियार गांव यहां से दो किलोमीटर खड़ी चढ़ाई में है।

झनियार गांव को सड़क से जोड़ने की योजना फाइलों से बाहर नहीं आ सकी। नोहांडा पंचायत का झनियार ही अकेला ऐसा गांव नहीं है, जो सड़क से नहीं जुड़ा है। ब्रिंगचा, खरूंगचा, ब्रेलगा गांवों तक भी अभी तक सड़क नहीं पहुंची है। यह गांव भी सड़क सुविधा से दूर हैं। ऐसे में इन गांवों में आग की घटना होने पर दमकल के वाहन पहुंचने की संभावना नहीं है। ऐसे में अब ग्रामीणों की ओर से इन गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्राम पंचायत नोहांडा के प्रधान अंकुश श्लाठ ने कहा कि झनियार में आग की घटना बेहद दुखद है। गांव तक सड़क न होने के कारण मौके पर दमकल का वाहन नहीं पहुंच सका। हालांकि दमकल के कर्मचारी मौके पहुंचे थे।

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आग पर काबू पाने में लगे पांच घंटे
जिले की बंजार घाटी के झनियार गांव में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए पांच घंटे का समय लग गया। लकड़ी के बने काष्ठकुणी शैली के मकानों में भड़की भीषण आग को काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के साथ आसपास गांव के सैकड़ों लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर 1:30 बजे लगी आग पर शाम करीब 6:30 बजे के आसपास काबू पाया गया। आग लगने की सूचना के बाद स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी भी गांव में पहुंचे और नुकसान का जायजा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह ह्रदय विदारक घटना में हमारी दुर्गम पंचायत नोहांडा का झनियार गांव पूरी तरह आग में समा गया है। शाौरी ने कहा कि पीड़ा की इस घड़ी में वह ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। संवाद
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