सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस विवाद की जीवंत गवाही बन गया है। देवता भृगु ऋषि ने गूर के माध्यम से इस पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद देवलू मेला कमेटी ऑॅफिस से तहसीलदार को देवता भृगु ऋषि के अस्थायी शिविर के पास ले गए। देवता से माफी मांगने के बाद देवलू और देवता शांत हुए। नीणू के देवता नारद मुनि और आशणी के देवता भृगु ऋषि भी आ गए थे। तीनों देवताओं के समक्ष तहसीलदार ने माफी मांगी। काफी देर तक माहौल हंगामेदार बना रहा।
बुधवार को अधिकतर देवता अस्थायी शिविरों में पहुंच गए थे। देवता के अस्थायी शिविर में तहसीलदार पहुंचे थे। देवलुओं के अनुसार तहसीलदार बिना जूते उतारे देवता भृगु ऋषि के शिविर में गए। इससे देवता नाराज हो गए। देवलुओं का गुस्सा भी तहसीलदार पर फूट पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंची। माफी के बाद ही देवता शांत हुए।