किन्नौर जिला प्रशासन ने मंगलवार को लगातार भारी बारिश, गिरते पत्थरों और घने कोहरे को देखते हुए किन्नौर कैलाश यात्रा-2025 को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। इन भारी बारिशों में पहले ही कई जानें जा चुकी हैं और तीर्थयात्रियों के लिए यह यात्रा अब भी गंभीर खतरा बनी हुई है। किन्नौर के उपायुक्त (डीसी) डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मंगलवार को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा कि लगातार खराब मौसम और आने वाले पांच से सात दिनों में और बारिश व बादल छाए रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए, जन सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती उपाय आवश्यक हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, शर्मा ने घोषणा की कि अगले आदेशों द्वारा संशोधित न किए जाने तक यात्रा शेष वर्ष के लिए बंद रहेगी।
उपायुक्त के आदेशों के अनुसार, यात्रा मार्ग से यात्रा करने का प्रयास करने वाले किसी भी तीर्थयात्री को वापस आधार शिविर तक पहुंचाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। किन्नौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को होमगार्ड और डीसीएफ किन्नौर के साथ समन्वय में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
शर्मा ने उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कल्पा को संबंधित विभागों, पर्यटन संघ, पंचायतों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, सभी विभागों, स्थानीय निकायों और प्रवर्तन अधिकारियों को बिना किसी अपवाद के इस निर्णय को लागू करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से सहयोग करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेशों का पालन करने तथा अगली सूचना तक तीर्थयात्रा पर न जाने का आग्रह किया है। यह यात्रा 15 जुलाई से शुरू हुई थी और 30 अगस्त तक चलने वाली थी। तब से, भारी बारिश और अनियमित मौसम के कारण यात्रा को कई बार स्थगित किया जा चुका है।
किन्नौर कैलाश यात्रा में अब तक पांच यात्रियों की मौत
किन्नौर कैलाश यात्रा के दौरान अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। यात्रा के दौरान मंगलवार सुबह एक ओर श्रद्धालु की मौत हो गई। गौरव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला था। मंगलवार सुबह रजिस्ट्रेशन करके कैलाश यात्रा के लिए निकले यात्रियों को मलिंग खट्टा से लौटा दिया जाएगा। मौसम खराब होने के कारण लगभग पांच बार प्रशासन ने यात्रा को स्थगित किया। मौसम के लगातार खराब रहने और किन्नौर कैलाश की पहाड़ियों से लगातार पत्थरों के गिरने के कारण यात्रा पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के चलते यात्रा में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी मौतें खराब मौसम और खतरनाक भू-भाग के कारण हुई हैं। किन्नौर कैलाश का मार्ग बहुत कठिन है। अभी तक 7253 श्रद्धालुओं ने किन्नौर कैलाश शिवलिंग के दर्शन किए। इन दिनों ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2373, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 4195, जबकि किन्नौर टूरिज्म संगठन से 685 का पंजीकरण हुआ है। 19 अगस्त को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 58 और किन्नौर टूरिज्म रजिस्ट्रेशन पांच केवल मिलिंग खट्टा तक जाएंगे।
एसडीएम , कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि एक सप्ताह तक तांगलिंग और तलगपी में पुलिस और होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जा रही है ताकि कोई श्रद्धालु चोरी छिपे किन्नौर कैलाश यात्रा पर न जा सके। उन्होंने सलाह दी कि कोई भी अपनी जान को जोखिम में न डाले।