धर्मशाला। गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए खरीदे गए बम निरोधक उपकरण बिना इस्तेमाल ही खराब हो रहे हैं। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने करीब तीन करोड़ रुपये से यह उपकरण खरीदे थे। गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट में बम निरोधक दस्ते के लिए स्थायी टीम ही नहीं है। हालांकि उपकरणों को चलाने का सरकार ने कांगड़ा पुलिस के जवानों को प्रशिक्षण दिलवाया है।
बम निरोधक दस्ता प्रतिदिन फ्लाइट आने से पूर्व एयरपोर्ट का बारीकी से निरीक्षण करता है, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्लाइट आने से पूर्व पता चल सके कि एयरपोर्ट परिसर में कोई विस्फोटक तो नहीं। बम डिस्पोजल दस्ते में कांगड़ा पुलिस के पांच जवान तैनात हैं, जबकि गगल एयरपोर्ट की पूरी सुरक्षा में भारतीय द्वितीय रिजर्व बटालियन सकोह के 92 जवान तैनात हैं।
जिला पुलिस में जवानों का पहले से ही टोटा है। जिले में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मुख्य न्यायाधीश और अन्य वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी पुलिस जवान तैनात करने पड़ते हैं। स्टाफ की कमी के चलते जिला पुलिस को दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसके चलते अब जिला पुलिस ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि बम डिस्पोजल दस्ते में भी बटालियन के जवानों की ही सेवाएं ली जाएं। जिला पुलिस के इस आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कमांडेंट पुलिस बटालियन सकोह को उचित निर्देश दिए हैं।
बम निरोधक दस्ते में कांगड़ा पुलिस के पांच जवान तैनात हैं। गगल एयरपोर्ट की पूरी सुरक्षा के लिए भारतीय द्वितीय रिजर्व बटालियन सकोह के जवान तैनात हैं। जिला में पुलिस जवानों की काफी कमी है, इसके चलते आग्रह किया गया है कि बम निरोधक दस्ते में बटालियन के जवान तैनात किए जाएं।
-शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा