नूरपुर में वन मंत्री राकेश पठानिया से मिलेते हुए फोरलेन संघर्ष समिति की प्रतिनिधि मंडल
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जसूर (कांगड़ा)। फोरलेन संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल समिति के अध्यक्ष सूबेदार मेजर दरबारी सिंह की अगुवाई में वन मंत्री राकेश पठानिया से उनके निवास स्थान पर मिला। वन मंत्री ने शिष्टमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का प्रयास करेगी। वन मंत्री ने कहा कि अगर प्रदेश के अन्य जिलों नालागढ़, बिलासपुर, ऊना आदि जिलों में उचित मुआवजा मिल सकता है तो नूरपुर के लोगों से अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
वन मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि जब तक फोरलेन प्रभावितों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक इस परियोजना की जद में आ रहे राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हजारों वृक्षों को काटे जाने की अनुमति नहीं देंगे। प्रभावितों को न्याय दिलवाने के लिए एनएचएआई और अपनी सरकार से भी संघर्ष करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे। वन मंत्री ने माना कि एनएच किनारे स्थित फोरलेन की जद में आ रही जमीन का तय किया गया मुआवजा सही नहीं है। प्रभावित लोगों को चाहिए था कि वह अपने बैंक खातों के नंबर संबंधित विभाग को न देते। अब प्रयास किया जाएगा कि प्रभावित लोगों के केसों की सुनवाई करने वाली अदालत नूरपुर में ही लगे तथा उनके केसों का निपटारा एक माह के भीतर हो जाए।
इस परियोजना को कांग्रेस के समय में शुरू किया गया था। तत्कालीन जनप्रतिनिधि ने प्रभावितों के पक्ष में कोई आवाज नहीं उठाई थी। शिष्टमंडल में विजय सिंह, सुभाष पठानिया, नरेंद्र कुमार, बलदेव पठानिया, डॉक्टर अशोक शर्मा, सुखदेव गुलेरिया, बीवी बख्शी, राजीव बोहरा, बनारसी दास, कर्ण सिंह, राजन शर्मा आदि मौजूद रहे।