ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी नगरी में तपती गर्मी में पीने के पानी की समस्या ने एक बार फिर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की परेशानियों को बढ़ा दिया है। ज्वालामुखी शहर के लगभग सभी वार्डों में लोगों को पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। जो पानी की सप्लाई सुबह आ रही है, वह बहुत ही कम मात्रा में आ रही है।
वहीं, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्वालामुखी शहर में अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं और कइयों में पानी ही नहीं है। शहर के कई शौचालयों में पानी नहीं है। यहां तक कि सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में भी पानी की दिक्कत से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
देश के कई राज्यों के स्कूलों में और कॉलेजों में छुट्टियां पड़ी हैं। इस वजह से श्रद्धालुओं का सैलाब प्रदेश के पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों की ओर मुड़ा है। नतीजतन यहां पर रोजाना 20 से 40 हजार श्रद्धालु रोजाना मां के दरबार में माथा टेकने आ रहे हैं। लोग पानी के टैंकर मंगवाकर अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं। लोगों ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि पानी की सप्लाई बढ़ाई जाए और दिन में दो बार पानी की सप्लाई होनी चाहिए।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता ज्वालामुखी प्यारेलाल ने बताया कि पानी का वाटर लेवल काफी कम होने की वजह से ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जल शक्ति विभाग के कर्मचारी रोजाना पानी की सप्लाई नियमित रूप से दे रहे हैं। एक-दो महीने के बाद नई परियोजनाओं का पानी ज्वालामुखी में पहुंच जाएगा। 15 अगस्त तक इन नई योजनाओं की टेस्टिंग हो जाएगी और ज्वालामुखी में पानी की कमी नहीं रहेगी।