धर्मशाला में पत्रकार वार्ता करते हुए सीएमओ डा. गुरदर्शन् गुप्ता।
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में ओमिक्रॉन की कोई भी मामला नहीं है। भारत सरकार की तरफ से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 7 दिन के लिए आइसोलेशन में रहने के निर्देश हैं।
इसके बाद यात्री को दोबारा आरटी पीसीआर टेस्ट करवाना जरूरी है। यह बात सीएमओ कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने प्रत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में रविवार शाम तक 612 अंतरराष्ट्रीय यात्री टैग किए गए हैं, जिनमें से 159 लोगों के कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। अभी तक सभी की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है। अगर इनमें से कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जिनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वायरस दुनियाभर के 99 देशों में फैल चुका है और भारत में भी इस वायरस के तकरीबन 160 मामले विभिन्न राज्यों में आ चुके हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह वायरस डेल्टा वायरस की तुलना में काफी तेजी से फैलता है। पश्चिमी देशों में जिस तरह से यह वायरस अपना पैर पसार रहा है, यह पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार अगर यह वायरस आम जनता में फैलता है तो यह वायरस पिछले वायरस को रिप्लेस करने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस का फैलाव इतना ज्यादा है कि वायरस के पीक सीजन पर 14 से 15 लाख रोजाना मामले आना स्वभाविक है, जो एक चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से सजग रहने की अपील की है। सीएमओ कांगड़ा ने कहा कि यह वायरस वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले व्यक्तियों को भी चपेट में ले लेता है। वहीं, पहले से हुए संक्रमित व्यक्ति भी दोबारा ओमिक्रॉन से संक्रमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के तहत जिला कांगड़ा में 89460 परिवार शामिल हैं, जिनमें से तकरीबन 24360 परिवारों ने अब तक भारत सरकार की इस योजना का फायदा उठाया है। जिस पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिला कांगड़ा में 226730 परिवार हिम केयर कार्ड के तहत आते हैं और 25693 लोगों ने योजना का लाभ उठाया है। सीएमओ ने अपील की है कि जिन भी लोगों का हिम केयर कार्ड नहीं बना है वह 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच अपना हिम केयर कार्ड बनवा सकते हैं।