गेहूं की मुरझाई फसल का ब्लाॅक स्तर पर होगा निरीक्षण
कृषि विभाग ने किसानों की मांग पर लिया निर्णय
निरीक्षण के बाद विभाग तैयार करेगा नुकसान की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल गंभीर संकट में पहुंच गई है। खेतों में सिंचाई न होने से पौधे मुरझाने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। यदि कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो गेहूं की फसल के पूरी तरह खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति को देखते हुए किसानों की मांग पर कृषि विभाग ने ब्लॉक स्तर पर मुरझाई हुई फसल का निरीक्षण करने का निर्णय लिया है। निरीक्षण के बाद फसल की स्थिति के आधार पर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इससे जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया है, उन्हें उचित मुआवजा मिल सकेगा। बिजाई के बाद गेहूं की फसल को समय पर सिंचाई न मिल पाने के कारण पौधों की वृद्धि (ग्रोथ) प्रभावित हो रही है।
खासकर चंगर क्षेत्र में हालात ज्यादा गंभीर हैं। यहां दो माह पहले बीजी गई गेहूं की फसल में अब तक अंकुरण भी नहीं हो पाया है। किसानों ने कम नमी में ही बिजाई की थी, लेकिन बारिश न होने से फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की फसल को बिजाई के लगभग 22 दिन बाद पानी की जरूरत होती है। बारिश की कमी से फसल की पैदावार रुक गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। क्षेत्र के किसानों राजीव कुमार, पवन कुमार, संजीव कुमार, राज कुमार, अरविंद, गौरव कुमार और अश्वनी कुमार सहित अन्य किसानों ने संबंधित विभाग और सरकार से मांग की है कि मुरझाई हुई फसल का जल्द निरीक्षण करवाया जाए, जिससे उन्हें समय पर उचित मुआवजा मिल सके।
बारिश न होने से गेहूं की फसल मुरझाना शुरू हो गई है। कुछ किसानों ने मांग भी की है कि गेहूं की फसल का निरीक्षण किया जाए। विभाग की ओर से जल्द ही मुरझाई हुई फसलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी, जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। - कुलदीप धीमान, डिप्टी डायरेक्टर, कृषि विभाग पालमपुर