ज्वालामुखी मंदिर में रविवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। -संवाद
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। जिला कांगड़ा के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न राज्यों से आए लगभग 16,000 श्रद्धालुओं ने जिले के तीन प्रमुख मंदिरों में माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जय माता दी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
आंकड़ों के अनुसार, ज्वालामुखी मंदिर में सबसे अधिक 9,000 श्रद्धालुओं ने पावन ज्योतियों के दर्शन किए। वहीं, कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 4,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 3,000 श्रद्धालु नतमस्तक हुए। मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए थे।
आगामी 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों को लेकर मंदिर न्यासों ने कमर कस ली है। ज्वालामुखी मंदिर के कार्यकारी अधिकारी शम्मी कुमार ने बताया कि नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। बज्रेश्वरी मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने कहा कि मंदिर प्रशासन सफाई, सुरक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। सभी शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि नवरात्रों के दौरान किसी को परेशानी न हो।
हिमानी चामुंडा मंदिर के खुले कपाट
भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में बंद रहने वाले हिमानी चामुंडा मंदिर के द्वार भी रविवार (15 मार्च) को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर के पुजारी बबलू ने बताया कि बर्फबारी के बावजूद कपाट खुलने के पहले दिन 10 साहसी श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मौसम साफ होते ही अब यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।