जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता और अन्य कोटला में पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करते हुए। स्रोत: व
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धर्मशाला। विधानसभा क्षेत्र जवाली के अंतर्गत कोटला क्षेत्र की पेयजल योजनाओं के स्तरोन्नयन का कार्य जल्द पूरा होगा। जलशक्ति विभाग का लक्ष्य है कि आगामी दो माह में पूरे क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो जाएगा। एक साल के भीतर 5.9 एमएलडी (59 लाख लीटर प्रति दिन) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनकर तैयार हो जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए इसी माह वन विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है। इसके चलते ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में अब कोई अड़चन शेष नहीं बची है। जलशक्ति विभाग को इस कार्य के लिए सरकार से 40 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है।
इससे इलाके की 16 ग्राम पंचायतों की करीब 31 हजार आबादी लाभान्वित होगी। विभाग ने वर्ष 2020-21 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेयजल योजनाओं के स्तरोन्नयन का कार्य शुरू किया था, लेकिन 2021 में बरसात के मौसम में बादल फटने और बाढ़ के कारण स्तरोन्नयन का कार्य प्रभावित हुआ था। कई जगह पाइप लाईन क्षतिग्रस्त हो गई थी। विभाग को पहुंचे नुकसान के कारण काम रोकना पड़ा। इस योजना के तहत नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होना है और पुरानी क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपों को बदला जाएगा। इसके अलावा अन्य विकास के कार्य होने हैं। जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग, अधीक्षण अभियंता नूरपुर विकास बख्शी और जवाली के अधिशासी अभियंता अजय शर्मा के साथ क्षेत्र में चल रही पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। उधर, उत्तरी क्षेत्र जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया है और संबंधित अधिकारियों को जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।