धर्मशाला/खैरा (कांगड़ा)। जाते मानसून ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। वीरवार सुबह से जिलेभर में जारी बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। लगातार हुई बारिश के कारण पक कर तैयार हुई धान की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि मक्की की फसल की तुड़ाई पर भी असर पड़ा है।
जिला मुख्यालय में लगातार बारिश होने के कारण तापमान में भी कमी दर्ज की गई, जिसके चलते कई लोगों को गर्म कपड़े पहने हुए देखा गया। खैरा गांव के कृषक राजमल, रत्न चंद, रमेश, हरबंस, सुरेश, अशोक, कुलवंत, मिलाप चौधरी, मनबीर, बलवंत, मंजीत वालिया आदि का कहना है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पर्याप्त बारिश होने के कारण अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन मौसम के बदले रुख से फसल को बचाना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कृषि विभाग व सरकार से किसानों से इस तरह कभी सूखे तो कभी ज्याद बारिश से बर्बाद होने वाली फसल के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की है।
वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने कहा कि बारिश धान की पक चुकी फसल के लिए हानिकारक है। उन्होंने किसानों को मौसम के अनुकूल ही अपनी फसल की कटाई करने की सलाह दी है।