धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों और गलियों में पैदल चलना जहां लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। स्थिति यह है कि कोतवाली बाजार सहित कई वार्डों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं और राहगीरों पर हमला कर रहे हैं।
धर्मशाला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बीते 16 महीनों में कुत्ते के काटने के 1578 मामले सामने आ चुके हैं। जनवरी माह में तो कोतवाली बाजार में एक ही दिन में एक कुत्ते ने 11 लोगों को काट लिया था, जिसके बाद सभी को एंटी रेबीज टीका लगवाना पड़ा। आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम धर्मशाला की ओर से न तो कुत्तों की समय पर नसबंदी करवाई जा रही है और न ही टीकाकरण।
पशुपालन विभाग के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 400 से अधिक आवारा कुत्ते हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, नगर निगम अपने बजट में हर साल इसके लिए प्रावधान करता है, लेकिन ये कार्य सिर्फ बैठकों तक सीमित रह जाते हैं। कुछ एनजीओ की ओर से सीमित प्रयास जरूर किए जा रहे हैं, परंतु प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि कुत्ते न केवल राहगीरों पर हमला कर रहे हैं बल्कि दोपहिया वाहनों के पीछे भागकर दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और भी गंभीर है। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि किसी की जान गई तो जिम्मेदारी कौन लेगा? उधर, इस विषय में जब नगर निगम के आयुक्त जफर इकबाल और मेयर नीनू शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो दोनों ने फोन नहीं उठाया।
नगर निगम धर्मशाला में आवारा कुत्तों की गणना के दौरान 400 से अधिक कुत्तों की पुष्टि हुई थी, लेकिन वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। पशु अस्पताल में लाए गए कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जाती है। बाकी कुत्तों को पकड़ना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
-डॉ. राजीव शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, धर्मशाला
कोतवाली बाजार में लोगों को काटने वाले कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत करवाया जाएगा इससे पहले भी आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कर्मचारियों को भेजा गया था। कई कुत्तों को पकड़ा गया, लेकिन कई पहुंच से बाहर रहे।
- तेजेंद्र कौर, डिप्टी मेयर, नगर निगम धर्मशाला
धर्मशाला में सड़क के बीच बैठा आवारा कुच्चों का झुंड। संवाद।