फुटबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी सागर(फाइल)
- फोटो : संवाद
विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के झुलाड़ निवासी 20 वर्षीय सागर कुमार उर्फ गब्बर की निधन की खबर ने न केवल परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है, बल्कि पूरे फुटबाल जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है। सागर की मां, सीमा देवी और बहन के लिए यह दुख का समय अत्यधिक कठिनाई से भरा है। चार साल पहले अपने पति को खोने वाली सीमा देवी, अब अपने बेटे को खोने के दुख में डूब चुकी हैं। सागर कुमार, जो कांगड़ा जिले का प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी था, ने अपनी जीवन यात्रा में कई उपलब्धियां हासिल की थीं। वह शाहपुर फुटबाल अकादमी का सदस्य था और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल प्रतियोगिताओं में अपनी छाप छोड़ चुका था लेकिन हाल ही में, उसे ब्रेन ट्यूमर की गंभीर बीमारी का सामना करना पड़ा था। करीब 10 दिन पहले ही चंडीगढ़ के पीजीआई से इलाज चल रहा था और बाद में उसे टांडा अस्पताल रेफर किया गया था। शनिवार की रात सागर का निधन हो गया।
गब्बर के नाम से था मशहूर
सागर को लोग गब्बर के नाम से जानते थे। वह हर मैच में अपनी बेहतरीन खेल क्षमता से अपने प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देता था। उसके खेल में एक अलग ही जोश था, जो दर्शकों और विरोधी टीमों को मंत्रमुग्ध कर देता था। जिला फुटबाल के अध्यक्ष राकेश चौहान बताते हैं कि गब्बर का नाम मैदान में गूंजता था और उसकी उपस्थिति से मैचों में रोमांच बना रहता था।
मां के सपने रहे गए अधूरे
सागर की मां सीमा देवी और बहन के लिए इस दुख की घड़ी अत्यधिक कठिन है। चार साल पहले अपने पति जरम सिंह को खो चुकी सीमा देवी अब अपने बेटे की सफलता और आगे बढ़ने की उम्मीदें पाल रही थी लेकिन यह उम्मीदें अब चूर हो गईं।
फुटबाल जगत सन्न
सागर के निधन पर फुटबाल जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग शोक व्यक्त कर चुके हैं। उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, राकेश चौहान, अश्वनी बिल्ला, विजय लगवाल और फुटबाल अकादमी के सदस्य सागर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
10 दिन पहले ही पता चली थी बीमारी
सागर को ब्रेन ट्यूमर की बीमारी करीब 10 दिन पहले ही ट्रेस हुई थी और उसका चंडीगढ़ में उपचार चल रह था। भले ही सागर खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा के दम पर जीतता था लेकिन वह इस जिंदगी की जंग से हार गया और शनिवार की रात टांडा में उसकी मौत हो गई।