ज्वालामुखी (कांगड़ा)। खरीफ सीजन में कीटनाशकों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इनके दुष्प्रभाव के मामले भी बढ़ने लगे हैं। ज्वालामुखी सिविल अस्पताल में प्रतिदिन पांच से सात मरीज कीटनाशकों के प्रभाव से बीमार होकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश किसान शामिल हैं।
हाल ही में ग्राम पंचायत बरेटी के खोलियां गांव के चार लोगों को कीटनाशक के प्रभाव के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार मक्की और धान की फसल में दवा के छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी ऐसे मामलों की मुख्य वजह है।
सिरदर्द, चक्कर और सांस लेने में तकलीफ के मरीज बढ़े
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सतिंद्र वर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना मरीज बेहोशी, चक्कर, सिरदर्द, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने किसानों से कीटनाशक का छिड़काव करते समय मास्क, दस्ताने और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा हवा की दिशा का ध्यान रखने की सलाह दी है।