देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। बौंगता पंचायत के तहत सेहड़ा गांव में वर्षा शालिका में अनजान हालत में मिले एक युवक के लिए पंचायत प्रधान निरुपमा रतन की संवेदनशीलता वरदान साबित हुई। पंजाब के होशियारपुर जिले से करीब एक माह से लापता और मानसिक तौर पर अस्वस्थ सुरेश कुमार को प्रधान की तत्परता और सूझबूझ से सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवा दिया गया।
मंगलवार देर रात सेहड़ा गांव की वर्षा शालिका में एक अज्ञात व्यक्ति को सोया देख ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान निरुपमा रतन को सूचित किया। मौके पर पहुंची प्रधान ने जब उससे बातचीत की, तो उसने अपना नाम सुरेश कुमार पुत्र ब्यास देव, निवासी गांव देहरियां (धर्मपुर), जिला होशियारपुर (पंजाब) बताया। युवक की मानसिक स्थिति ठीक न होने के चलते प्रधान निरुपमा उसे अपने घर ले आईं और ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों का संपर्क नंबर जुटाकर फोन पर सूचना दी। साथ ही देहरा पुलिस को भी मामले से अवगत कराया गया।
देर रात करीब 12 बजे सुरेश का भाई सुरजीत कुमार रिश्तेदार के साथ पंचायत प्रधान के घर पहुंचा और भाई की शिनाख्त की। देहरा पुलिस की मौजूदगी में कागजी औपचारिकताएं पूरी कर सुरेश को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि सुरेश एक महीने से लापता था और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। एसपी देहरा संदीप धवल ने मामले की पुष्टि की है।