फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों को राहत : बारिश से फसलों को संजीवनी, जल स्रोतों में बढ़ेगा पानी

Wed, 05 Feb 2025 12:47 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
विज्ञापन
कोतवाली बाजार धर्मशाला में दोपहर बाद मौसम खराब होने के कारण बारिश हुई और धुंध छाने पर लाइटें जल
विज्ञापन
धर्मशाला। कांगड़ा जिले में लंबे समय बाद मौसम ने करवट बदली और मंगलवार शाम से बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश के साथ-साथ धौलाधार की पहाड़ियों पर हिमपात भी हुआ। इस मौसम ने किसानों को राहत दी है और फसलों को संजीवनी मिली है। बारिश से किसानों की गेहूं, प्याज की पनीरी और अन्य फसलों को जरूरी नमी मिली है। वहीं, कई क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा न होने के कारण किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। बारिश होने से जल शक्ति विभाग को भी कुछ राहत मिली है, क्योंकि लंबे समय से बारिश न होने के कारण जल आपूर्ति में कमी आई थी।
विज्ञापन


रैहन में कृषि विशेषज्ञ ज्योति रैना ने कहा कि हल्की बारिश के दो फायदे हुए हैं: पहला, गेहूं की फसल को जरूरी नमी मिली, खासकर उन किसानों की फसल को जो समय पर गेहूं की बिजाई कर चुके थे। दूसरा, धूल कणों से राहत मिली है, जो हवा के साथ उड़ रहे थे।

लंबे समय से बारिश न होने से धर्मशाला की महत्वपूर्ण नड्डी पेयजल योजना में 50 प्रतिशत के करीब पानी की सप्लाई में कमी आई थी, जिस कारण धर्मशाला के लोगों को एक दिन छोड़ पर पानी दिया जा रहा था। लेकिन, अब हल्की बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी। बारिश होने से अभी इतना प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन फिर भी थोड़ी राहत है।
विज्ञापन

सुमित बिमल कटोच, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग धर्मशाला मंडल

राम नगर और शाम नगर में नहीं होगी पानी की किल्लत

धर्मशाला। धर्मशाला के राम नगर और शाम नगर के लोगों को बुधवार को स्थायी राहत मिलनी शुरू हो गई है। जल शक्ति विभाग ने मांझी खड्ड से ट्यूबवेल की नई योजना शुरू की है, जिससे इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे धर्मशाला के वार्ड नंबर 10 और 11 को पानी मिलेगा। विभाग की ओर से शिल्ला चौक में मांझी खड्ड से पानी उठाकर दाड़नू के टैंक में डाला जाएगा। इसके बाद राम नगर और शाम नगर को पानी दिया जाएगा। यह योजना नगर निगम धर्मशाला की ओर से जल शक्ति विभाग को अवार्ड की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें