धर्मशाला। कछियारी-भंगवार फोरलेन को 12 अक्तूबर तक एनएचएआई के सुपुर्द करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कंपनी मार्ग को निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयार कर एनएचएआई को सौंपने की तैयारी में हैं। एनएचएआई के अधीन आने के बाद फोरलेन के बाकी कार्यों में और तेजी आने की संभावना है। यदि तय समय पर काम पूरा होता है तो त्योहारी सीजन में मार्ग पर आवाजाही के लिए खुल सकता है।
परियोजना के तहत मुख्य अड़चन रियूंद खड्ड पर बने पुल को जोड़ने की है। निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार रियूंद खड्ड पुल के ज्वाइंट लगाने का काम अंतिम चरण में है और इसे आगामी आठ से नौ दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। पुल के इस हिस्से का काम पूरा होते ही मार्ग के शेष हिस्सों में टारिंग का काम भी तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
फोरलेन के शुरू होने से धर्मशाला और आसपास के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दिवाली और त्योहारी सीजन के दौरान कांगड़ा घाटी के मुख्य मार्गों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में इस मार्ग के तैयार होने से जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकेगी।
देहरा और कोटला से मंगवाई जा रही टारिंग सामग्री
फोरलेन निर्माण कार्य के लिए टारिंग सामग्री देहरा और कोटला की ओर से मंगवाई जा रही है। दरअसल जिस भूमि पर कंपनी का प्लांट स्थापित था, उसकी लीज की अवधि समाप्त हो चुकी है। लीज खत्म होने के कारण निर्माण कंपनी को सामग्री जुटाने के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूरदराज से सामग्री मंगवाकर काम की रफ्तार बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि तय समय पर मार्ग एनएचएआई को सौंपा जा सके।
हमारी ओर से मात्र आठ से नौ दिन का कार्य शेष बचा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मार्ग 12 अक्तूबर को एनएचएआई के अधीन कर दिया जाएगा। प्लांट वाली भूमि की लीज समाप्त होने के चलते निर्माण कार्य में थोड़ा विलंब जरूर हुआ है, लेकिन मार्ग का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। -कविराज, मैनेजर, गावर फोरलेन निर्माण कंपनी