धर्मशाला। श्रावण अष्टमी नवरात्रों में जिला कांगड़ा के तीनों प्रमुख शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं को पहले आरटी-पीसीआर की कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी या वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट दिखाना पड़ेगा।
इसके बिना किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। यह निर्णय जिला प्रशासन ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए लिया है। अब मंदिर में प्रवेश के लिए स्थानीय और बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट या कोविड वैक्सीन का प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य कर दिया है।
नौ अगस्त से शुरू हो रहे श्रावण अष्टमी के नवरात्रों के लिए यह व्यवस्था लागू रहेगी। ज्वालामुखी में इस व्यवस्था के तहत चार जगह जांच होगी। नवरात्रों में श्रद्धालुओं को इस बार बिना पर्ची के मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
ज्वालामुखी शहर को आने वाले सभी रास्तों में नाके लगाए जाएंगे, जहां आरटी पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट चेक किए जाएंगे। वहीं श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में नवरात्रों के दौरान एक जीओ, सात एनजीओ 26 मुख्य आरक्षी, आठ आरक्षी, 20 महिला पुलिस व 30 होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे। बिना मास्क के मंदिर में प्रवेश वर्जित होगा। मंदिर में हवन यज्ञ पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस बार खुले में लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा, परंतु अगर कोई लगर संस्थाएं लंगर लगाने की इच्छुक हैं तो उन्हें लंगर भवन में लंगर बनाकर पैक करने के बाद ही श्रद्धालुओं को बांटना पड़ेगा। मंदिर के साथ बहती बाण गंगा में नहाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए मंदिर को सुबह चार बजे व रात 10 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। वहीं कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी मंदिर में भी इसी तरह की व्यवस्थाएं रहेगी। उधर, डीसी कांगड़ा ने बताया कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्थाएं की जा रही है, ताकि जिला कांगड़ा में संक्रमण न फैल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को बिना निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन सर्टिफिकेट के प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। हर मंदिर में व्यवस्था की जांच की जाएगी।
एडीसी ने लिया चामुंडा मंदिर में तैयारियों का लिया जायजा
चामुंडा (कांगड़ा)। श्रावण अष्टमी नवरात्र की तैयारियों को लेकर शनिवार को मंदिर सहायक आयुक्त हरीश गज्जू ने चामुंडा नंदिकेश्वर धाम का दौरा किया। नौ अगस्त से 17 अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्र के दौरान मंदिर में व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि बिना मास्क के मंदिर में प्रवेश वर्जित होगा। मंदिर में हवन यज्ञ पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सफाई की व्यवस्था के लिए इस बार भी सुुलभ शौचालय को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। नवरात्रों के दौरान हर आने-जाने वाले पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। मंदिर के साथ बहती बाण गंगा में नहाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए मंदिर के सुबह चार बजे और रात 10 बजे कपाट बंद किए जाएंगे। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे खुला रहेगा। नवरात्र के दौरान भी कोविड-19 के चलते चामुंडा मंदिर में कोविड टेस्ट किए जाएंगे, जिसके लिए डॉ. नेहा, प्रदीप कटोच, शिवानी व रजत कुमार पहले से तैनात किए गए हैं।