बिलिंग मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त जीप
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बैजनाथ (कांगड़ा)। पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध बीड से टेक ऑफ प्वाइंट बिलिंग की तरफ जा रही बोलेरो कैंपर दुर्घटनाग्रस्त होने पर लखनऊ के 12 वर्षीय किशोर आदविक त्रिपाठी की मौत हो गई है। वहीं, सात लोग घायल हुए हैं।
इनमें से पांच को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो का विवेकानंद अस्पताल पालमपुर में उपचार चल रहा है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
दुर्घटना के समय बोलेरो कैंपर गाड़ी में चालक, चार पैराग्लाइडिंग पायलट और चार अन्य लोग सवार थे। जोगिंद्रनगर के मोहन घाटी निवासी विजय कुमार गाड़ी को चला रहा था। दुर्घटना में घायल पायलट विकास, सुमित, जगबीर सिंह और शुभम ठाकुर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि लखनऊ के वृषभ त्रिपाठी उनकी पत्नी शारदा त्रिपाठी का विवेकानंद अस्पताल में इलाज चल रहा है। गाड़ी में सवार पालमपुर घुग्घर टांडा के विपुल को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। लखनऊ का रहने वाला यह परिवार पालमपुर में अपने परिचित के यहां आया हुआ था और वर्तमान में बंगलुरू में एक कंपनी में कार्यरत है। बीड़ से बिलिंग की तरफ जाते समय एक किलोमीटर आगे तीखे मोड़ पर बिलिंग की तरफ से आ रही स्कूटी को बचाने के चक्कर में जीप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चली गई। स्कूटी में महाराष्ट्र के दो युवक सवार थे और उन्होंने यह स्कूटी किराये पर ली हुई थी। बताया जा रहा है कि दोपहर बाद करीब चार बजे हुई इस दुर्घटना के समय जीप की स्पीड भी अधिक थी। इसके चलते जीप चालक मोड़ पर गाड़ी को अनियंत्रित होने से नहीं बचा सका और गाड़ी एक तरफ नीचे लुढ़क गई। हादसे में 12 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के सिर पर गहरी चोट आने के कारण ही उसकी मौत हुई है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि चालक विजय कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज करके पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
लोगों ने की स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग
लोगों का कहना है कि बीड़ से बिलिंग के लिए जाने वाली गाड़ियां पूरी स्पीड पर होती हैं और स्पीड के चलते हर मोड़ पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इन गाड़ियों की स्पीड को लेकर पूर्व में भी पर्यटकों की ओर से शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक इस स्पीड को कम करने में कोई उचित कदम नहीं उठा सकी है। लोगों का कहना है कि मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाकर इन गाड़ियों की स्पीड को कम किया जा सकता है। कई पर्यटकों का कहना है कि बिलिंग से उड़ान भरना इतना रोमांचकारी नहीं है, जितना इन गाड़ियों का सफर रहता है।