धर्मशाला में डीसी कार्यालय के सभागार में नेशनल हाइवे के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक?
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धर्मशाला। मटौर-शिमला और मंडी-पठानकोट फोरलेन निर्माण के लिए भू अधिग्रहण कार्यों में तेजी लाने और नेशनल हाईवे के नाम भू इंतकाल के लिए भी तत्परता के साथ कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिन भू मालिकों 3-ए, 3-डी, 3-जी हो चुका है, उन्हे ंमुआवजा राशि तुरंत प्रभाव से आवंटित करने के लिए भी कहा गया है।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में डीसी कार्यालय के सभागार में नेशनल हाईवे के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि फोरलेन के निर्माण के लिए वन अधिकार अधिनियम एफआरए के तहत पेड़ों के कटान के मामलों को निपटाने के लिए भी उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही फोरलेन निर्माण की जद में आने वाले भवनों की लागत की मूल्यांकन प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मटौर-शिमला फोरलेन के तीन पैकेज और सब पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इसमें कांगड़ा जिले में 54 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं, मंडी-पठानकोट फोरलेन के तहत पांच पैकेज और सब पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इसमें कांगड़ा जिले में 124 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण प्रस्तावित है। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी को फोरलेन निर्माण में वे साइड सुविधाओं के लिए अधोसंरचना विकसित करने के साथ-साथ निर्धारित मापदंडों के आधार पर शौचालयों के निर्माण के लिए भी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंडी-पठानकोट और मटौर-शिमला फोरलेन निर्माण के तहत नूरपुर, जवाली, शाहपुर, कांगड़ा, नगरोटा, पालमपुर, ज्वालाजी, देहरा उपमंडलों की भूमि चिह्न्ति की गई है। इन सभी उपमंडलों के उपमंडल अधिकारियों को फोरलेन निर्माण से संबंधित भू-अधिग्रहण तथा एनएच के नाम भू-इंतकाल के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के लिए कहा गया है। साथ ही उपमंडल अधिकारियों को हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए भी कहा गया है। इस अवसर पर एडीएम रोहित राठौर सहित मंडी पठानकोट और मटौर-शिमला फोरलेन निर्माण से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।