धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने बिना अनुमति के रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों पर नकेल कसने के लिए नए उपनियम जारी किए गए हैं।
नए नियमों के तहत बिना वेंडिंग लाइसेंस या पंजीकरण के शहर में यदि रेहड़ी लगाई तो उसका पहली बार 2000 रुपये, दूसरी बार 5000 रुपये और तीसरी बार 10,000 रुपये तक का चालान किया जाएगा। इसके साथ ही रेहड़ी पर रखे सामान को भी बिना वापसी नीति के उठा लिया जाएगा।
नगर निगम धर्मशाला के मेयर ओंकार नैहरिया ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी चिह्नित जगहों पर ही लगाई जा सकती हैं।
किसी व्यक्ति के पास दिन की तहबाजारी पर्ची मात्र होने से वह रेहड़ी फड़ी लगाने का पात्र नहीं हो सकता। उसे धर्मशाला नगर निगम में पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार रेहड़ी-फड़ी में लाइसेंस और पहचान पत्र लगाना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद कोई व्यक्ति खुद या उसके परिवार का कोई भी सदस्य, जिसका नाम धर्मशाला नगर निगम कार्यालय में पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही पंजीकृत विक्रेता को धर्मशाला नगर निगम कार्यालय में महीने की तहबाजारी फीस जमा करवानी होगी।
वहीं, पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी वाला भी यदि नए नियमों की अवहेलना करता है तो उन्हें भी पहली बार 1,000 रुपये, दूसरी बार 5,000, तीसरी और चौथी बार उल्लंघन करने पर उनका लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इतने पर भी कोई रेहड़ी वाला न सुधरा तो पांचवीं बार उसका लाइसेंस ही रद्द कर दिया जाएगा। रेहड़ी के सामने सड़क से कम से कम एक मीटर की दूरी होना आवश्यक है, ताकि लोगों को चलने-फिरने और गाड़ियों को आने जाने में परेशानी न हो।