धर्मशाला। मार्च महीने में गर्मी बढ़ने के बावजूद इस बार धौलाधार पर्वत पर हुए हिमपात और और बीच-बीच में हुई हल्की ने अप्रैल माह में अभी तक जिले में पेयजल संकट गहराने नहीं दिया है।
अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह तक जिले की सिर्फ 12 पेयजल परियोजनाओं में 25 फीसदी तक पानी की कमी दर्ज की गई है। सुखद यह कि एक भी परियोजना ऐसी नहीं है, जहां 50 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई हो। इस कारण गर्मियों में गहराने वाले पेयजल संकट से फिलहाल जल शक्ति विभाग को इस बार राहत मिल रही है।
जिले में अब तक सूखे का ज्यादा असर प्रागपुर और भवारना क्षेत्र में ही देखने को मिला है। जिन पेयजल परियोजनाओं में 25 फीसदी तक पानी की कमी दर्ज की गई है, उन 12 परियोजनाओं में से छह परियोजनाएं प्रागपुर की हैं। इसके अलावा चार पेयजल परियोजनाएं भवारना की हैं। वहीं, भेड्डू महादेव और पंचरुखी की एक-एक पेयजल परियोजना में 25 फीसदी तक पानी की कमी आई है। मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश के कई हिस्सों में तीन दिन मौसम खराब रहेगा। इस दौरान यदि जिले में बारिश हो जाती है, तो अगले कुछ और दिन तक पेयजल किल्लत जैसी स्थिति पैदा नहीं होगी।
पेयजल की निरंतर आपूर्ति में विभाग सक्षम : रोहित
जलशक्ति विभाग के अधीक्षक अभियंता रोहित दूबे ने बताया कि गर्मियों में सूखे जैसे हालात से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। अगर आने वाले दिनों में कोई पेयजल परियोजना सूखे से प्रभावित होती है, तो उसकी निकटवर्ती परियोजना के साथ जोड़कर प्रभावित परियोजना से पेयजल आपूर्ति को निर्बाध बनाया जाएगा।