पालमपुर (कांगड़ा)। साधारण परिवार की नेहा भाटिया ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। वह अब एम्स गुवाहाटी में बतौर नर्सिंग ऑफिसर सेवाएं देंगी। नेहा के पिता राजेश कुमार पालमपुर बाजार में दर्जी की दुकान चलाते हैं और मां सुनीता देवी एक गृहिणी हैं।
दर्जी पिता ने सुई-धागे से सपनों को बुना और बेटी ने उन्हें नर्सिंग की ऊंचाई तक पहुंचा दिया। नेहा भाटिया उपमंडल पालमपुर के पढ़ियारखर गांव की रहने वाली हैं। तीन बहनों में सबसे बड़ी नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जय पब्लिक स्कूल बनूरी से पूरी की और 10वीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय अलहिलाल से जमा-दो करने के उपरांत उन्होंने नूरपुर के निजी संस्थान से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 2021 में नर्सिंग स्नातक बनने के बाद नेहा ने तीन वर्षों तक गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में काम किया। इसी दौरान उन्होंने एम्स की परीक्षा पास की और अब एम्स गुवाहाटी में नियुक्त हुई हैं। नेहा की इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि कि नेहा ने हमारे घर में बेटे की कमी कभी महसूस नहीं होने दी। आज वह हमारे पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर रही हैं।
नेहा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने कभी मुझे बेटी नहीं, बल्कि बेटे की तरह आगे बढ़ने का हौसला दिया। ग्रामीण परिवेश में जहां अक्सर बेटियों की शिक्षा सीमित होती है, वहां मेरे माता-पिता ने मेरे लिए हर दरवाज़ा खोला और आगे बढ़ाया।