धर्मशाला। पंजाब साहित्य अकादमी चंडीगढ़ के सहयोग से हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पंजाबी और डोगरी विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में जीवन में मातृभाषा का महत्व विषय पर विशेष व्याख्यान हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. कमलजीत सिंह अध्यक्ष पंजाबी विभाग दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली ने भाग लिया।उन्होंने कहा कि जीवन में मातृभाषा से ही सर्वांगीण विकास हो सकता है।
मातृभाषा के माध्यम से मनुष्य अपनी भावनाओं और विचारों को अधिक स्पष्टता से व्यक्त कर सकता है और मातृभाषा में ही प्रभावी बातचीत हो सकती है। रिश्तों में ताजगी बनाए रखने का एकमात्र माध्यम मातृभाषा ही है। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को समर्पित विशेष भाषण आयोजित करने के लिए पंजाबी एवं डोगरी विभाग को बधाई दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रोशन लाल शर्मा ने की। कार्यक्रम के संयोजक डाॅ. हरजिंदर सिंह और सह संयोजक डाॅ. गट्टूलाल पाटीदार रहे।