धर्मशाला। जल शक्ति विभाग नगर निगम धर्मशाला के उन वार्डों में बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास में है, जहां वर्तमान में पानी की किल्लत है। धर्मशाला नगर निगम में कुल 17 वार्ड हैं लेकिन, निगम के वार्ड नौ से 17 तक ऐसे वार्ड हैं, जहां पर गर्मियों के मौसम में पेयजल किल्लत पेश आती है। जल शक्ति विभाग ने इन वार्डों की पहचान कर करीब 130 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। मांझी और मनूणी खड्ड के अलावा ट्यूबवेल के माध्यम से शहर के इन वार्डों में पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
शहरी क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पेयजल उपलब्ध करवाने के नियम हैं लेकिन, धर्मशाला नगर निगम के 50 फीसदी वार्डों में 70 लीटर प्रति व्यक्ति पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
दरअसल विभाग की यह पेयजल योजनाएं नगर निगम बनने से पूर्व की हैं। नगर निगम में शामिल होने से पूर्व यह वार्ड ग्राम पंचायतों में शामिल थे। उस वक्त इन वार्डों की आबादी भी कम थी लेकिन, शहरीकरण के साथ ही नगर निगम धर्मशाला में रोजगार की तलाश में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। कई बाहरी जिलों और राज्यों के लोग यहां दिहाड़ी-मजदूरी और होटल-रेस्तरां में काम कर रहे हैं। किराये के भवनों में बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। इसका आंकड़ा नगर निगम के पास भी नहीं। रिकॉर्ड से कहीं गुणा अधिक जनसंख्या होने के चलते कई क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत पेश आ रही है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए जल शक्ति विभाग ने नई और पुरानी पेयजल योजनाओं के स्तरोन्नयन की योजना बनाई है। अगर ये योजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो शहरी क्षेत्र में काफी हद तक पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी।
कोट्स:
नगर निगम धर्मशाला के लेफ्टआउट वार्डों में नई पेयजल और पुरानी पेयजल योजनाओं के स्तरोन्नयन की तैयारी है। इसके लिए करीब 130 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। यह डीपीआर शहरी विकास विभाग को भेजी जाएगी। बजट का प्रावधान होने के बाद इन योजनाओं पर काम शुरू हो सकेगा।
-दीपक गर्ग, मुख्य अभियंता, जल शक्ति विभाग, उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला