दसवीं बोर्ड मेरिट सूची से लगातार गायब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी
गणित-विज्ञान में कमजोर प्रदर्शन से बिगड़ा रिजल्ट
परिणाम 50 फीसदी से कम रहने पर 13 स्कूलों को दिए थे नोटिस
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले के सरकारी विद्यालयों का दसवीं कक्षा का बोर्ड परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा है। तीन सालों से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी बोर्ड की टॉप टेन मेरिट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, जो शिक्षा प्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
शिक्षा निदेशालय ने पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में परीक्षा परिणाम खराब रहने पर 13 विद्यालयों के मुखियाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, लेकिन इस साल भी सरकारी विद्यालयों का हालात वही हैं। कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है और नतीजा पूर्व की तरह ही इस बार भी वही रहा।
विभाग ने नोटिस जारी कर विद्यालय के मुखियाओं से जवाब मांगा है कि किन कारणों से परीक्षा परिणाम खराब रहा है। जिन विद्यालयों का रिजल्ट खराब रहा था, उनमें विद्यार्थी अधिक संख्या में गणित और विज्ञान विषय में उत्तीर्ण नहीं हो पाए थे, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्थिति फिर जस की तस ही रही। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परिणाम क्यों खराब रहा है। यह चिंतन का विषय है।
जिले में जिन विद्यालयों का दसवीं और 12वीं कक्षा के वार्षिक परिणाम में 50 फीसदी से कम रहा है। उन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों से जवाब मांगा जाएगा। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - देशराज डोगरा, उच्च शिक्षा उपनिदेशक कुल्लू