कोटला (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी निर्माणाधीन फोरलेन पर पंचायत भाली में भू-अधिग्रहण प्रभावितों में रोष देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगों को सरकार ने जल्द पूरा न किया गया, तो समिति के सदस्य सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। साथ ही आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भुगतने के लिए सरकार तैयार रहे।
वीरवार को फोरलेन संघर्ष समिति भाली की बैठक प्रधान मुंशी राम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मौजूद लोगों ने सरकार की ओर से भू-अधिग्रहण को लेकर रोष व्यक्त किया है। मुंशी राम ने बताया कि फोरलेन बनने पर सभी लोग खुश हैं, लेकिन लोगों के व्यवसाय को खत्म करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि भाली में अन्य जगह की अपेक्षा मुआवजे की रकम भी कम दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पठानकोट से मंडी तक सभी को मुआवजा एक जैसा दिया जाना चाहिए। सरकार जंगलों का ज्यादा मुआवजा दे रही है और जहां लोग अपना कार्य-व्यवसाय कर रहे हैं या रिहायशी मकान बनाए हुए हैं, वहां मुआवजे की रकम कम मिल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि फोरलेन की जद में अगर आधा मकान आया है, तो उसे पूरे मकान का मुआवजा मिले। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जमीन को छोड़कर लोगों के बसे-बसाए घरों को उजाड़ रही है।
इस दौरान मौजूद महिंद्र सिंह, मुंशी राम, प्रवीण शर्मा, राजकुमार, विजय कुमार, कुलदीप शर्मा, सुदर्शन कुमार, संजय कुमार, सुरिंदर, विक्कू, ओमप्रकाश, गिरधारी लाल, बिहारी लाल, सुरेश कुमार, केहर सिंह, सतीश कुमार, रणजीत सिंह, मुन्नी लाल, कल्याण सिंह ने बताया कि इस समस्या के बारे में कई बार स्थानीय विधायक को भी अवगत करवाया गया है।