कांगड़ा जिले में पैराग्लाइडिंग पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित पैराग्लाइडिंग के मापदंडों को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। आदेशों के तहत जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सभी पैराग्लाइडिंग संचालकों व पायलट का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में आगामी आदेशों तक पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा दी गई है। बीड़ में पैराग्लाइडिंग के दौरान पायलट और पर्यटक की मौत के बाद प्रशासन की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित पैराग्लाइडिंग के मापदंडों को पूरा करने के लिए कहा गया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सभी पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों और पायलटों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। पंजीकरण के साथ ही यूनिक कोड देने की व्यवस्था भी करनी होगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी से कहा गया है कि बिना लाइसेंस के पैराग्लाइडिंग करने वालों के लिए जुर्माने का प्रावधान किया जाए। जो पायलट बार-बार आदेशों की अवहेलना करते हुए पाए जाएं। उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए।
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उपमंडलाधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन की सहमति के साथ स्थानीय तकनीकी और रेगुलेटरी कमेटी गठित की जाए। कमेटी पैराग्लाइडिंग को लेकर उपयुक्त मौसम और अन्य सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी करेगी। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि संबंधित उपमंडलाधिकारियों को पायलट और पैराग्लाइडिंग के लाइसेंस की चेकिंग के लिए दो जगहों उड़ानें भरने और उतरने वाले स्थल पर उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि बिना पंजीकरण के पैराग्लाइडिंग पर अंकुश लगाया जा सके। इसके साथ ही लैंडिंग साइट पर नो पार्किंग जोन के आदेश भी पारित करने के लिए कहा गया है। 15 दिन के भीतर इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, आदेशों की अनुपालना होने पर ही पैराग्लाइडिंग पर रोक के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा।