फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kangra News: क्रूरता के आधार पर देहरा फैमिली कोर्ट ने मंजूर की तलाक की अर्जी

Sun, 12 Jul 2026 07:12 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। पति द्वारा की गई मानसिक और शारीरिक क्रूरता के एक मामले में देहरा स्थित फैमिली कोर्ट ने पति-पत्नी के विवाह विच्छेद (तलाक) का आदेश पारित किया है। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट सपना पांडेय की अदालत ने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों से पत्नी के साथ क्रूरता और उसे बेसहारा छोड़ने (परित्याग) के आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, इसलिए इस विवाह को समाप्त किया जाता है।
विज्ञापन

हालांकि, अदालत ने पत्नी द्वारा मांगी गई 20 लाख रुपये के स्थायी गुजारा भत्ते की मांग को साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता महिला ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2020 में हुए विवाह के बाद से ही पति का व्यवहार असामान्य था। उसने आरोप लगाया कि पति शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था, जिसके कारण एक बार उसका गर्भपात भी हो गया।
पति और उसके परिजनों की ओर से लगातार दी जा रही मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना और भरण-पोषण न करने के चलते उसे जान का खतरा महसूस होने लगा, जिससे वह मायके में रहने को मजबूर हो गई। मामले की सुनवाई के दौरान पति अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई (एक्स-पार्टी) अमल में लाई गई।
विज्ञापन

महिला ने अपने दावों के समर्थन में स्वयं सहित अपने पिता, दादी, बुआ व अन्य परिजनों के शपथ पत्र और चिकित्सा रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत किए। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों का कोई खंडन नहीं हुआ है और यह स्पष्ट है कि महिला के साथ क्रूरता की गई है। ऐसी परिस्थितियों में दोनों के साथ रहने की संभावना समाप्त हो चुकी है। गुजारा भत्ते पर अदालत ने स्पष्ट किया कि पति की आय और आर्थिक स्थिति का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके चलते 20 लाख रुपये की यह मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें