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3 दिन में बैंक अकाउंट से 2 लाख निकाल ले गए शातिर

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बिना ओटीपी, पिन बताए खाते से 2 लाख निकाल ले गए शातिर
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नगरोटा बगवां स्कूल में कार्यरत कर्मचारी हुआ ठगी का शिकार
चार बार एटीएम तो तीन बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से हुई ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। नगरोटा बगवां उपमंडल के एक स्कूल में कार्यरत कर्मचारी ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ है। कर्मचारी से यह ठगी 4 से 7 मई के बीच हुई है, इसका पता कर्मी को तब चला, जब वह बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गया। हैरतअंगेज यह है कि इस दौरान कर्मचारी ने न तो किसी व्यक्ति को अपना एटीएम दिया और न ही किसी को कोई ओटीपी आदि बताया। बावजूद इसके उसके बैंक अकाउंट से 4 बार एटीएम से पैसे निकाले गए, जबकि तीन बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिये पैसों को अन्य अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है।
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इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस थाना नगरोटा बगवां में भी ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। जानकारी के अनुसार नगरोटा बगवां उपमंडल के तहत एक सरकारी स्कूल में कार्यरत खोली (कांगड़ा) निवासी मिलखी राम के बैंक अकाउंट से चार मई को 20 हजार रुपये एटीएम के माध्यम से निकाले गए। इसके बाद चार मई को ही 40 हजार रुपये प्रभु लिंगम गुप्त के खाते में ट्रांसफर हुए। इसके बाद 5 मई को फिर पटना के एक एटीएम से 20 हजार और पदमा कलमाला के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर हुए, जबकि 6 मई को फिर से ज्योति देवी के खाते में 39 हजार और पटना के उसी एटीएम से 20 हजार रुपये निकाले गए। वहीं 7 मई को फिर से पटना में एटीएम से 20 रुपये की निकासी हुई। कुल मिलाकर पीड़ित को एक लाख 99 हजार रुपये की चपत लगी है। पीड़ित ने बताया कि उसका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा टांडा में है और उसे उसके खाते से रुपये निकाले जाने का पता उस समय लगा, जब घर के किसी सामाजिक कार्य के लिए पैसे निकालने बैंक गया। इस दौरान बैंक स्टाफ ने उसे उसके खाते में रकम कम होने की बात कही। उसने बताया कि उसे कभी भी किसी व्यक्ति ने फोन पर उसके एटीएम कार्ड बारे कोई सूचना भी नहीं मांगी। इसके बाद उसने बैंक से डिटेल मांगी, जिसमें यह राशि पटना में निकाली गई बताई गई। वहीं संबंधित बैंक प्रबंधन ने उसे भरोसा दिलाया है कि उसकी रकम को वापस उसके खाते में डलवाने की कोशिश की जाएगी। पीड़ित के अनुसार वह अपने बेटे की शादी के लिए यह रकम निकालने आया था। उधर, इस बारे में संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि उपभोक्ता की रकम की निकासी पटना (बिहार) से होती रही तथा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले को विजिलेंस के सुपुर्द कर दिया गया है।
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