नूरपुर (कांगड़ा)। नागरिक अस्पताल नूरपुर में बुधवार देर रात अफरातफरी मच गई। आपरेशन थियेटर (ओटी) के बाहर करीब 20-25 युवक आपस में उलझ पड़े और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान वार्ड में दाखिल मरीज भी बरामदे में इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना से महिला चिकित्सक तथा अन्य स्टाफ भी भयभीत हो गया। महिला चिकित्सक ने हुड़दंग मचा रहे लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन युवाओं ने किसी की न मानी।
महिला चिकित्सक ने पुलिस थाने फोन किया, लेकिन थाने में किसी ने फोन नहीं उठाया। महिला चिकित्सक ने करीब 1:30 बजे अस्पताल प्रभारी एसके महाजन को इस घटना के बारे में अवगत कराया। प्रभारी ने चिकित्सक से अपने कमरे में रहने की सलाह दी। उन्होंने एक सुरक्षा कर्मी को स्टाफ के पास तैनात करते हुए दो सुरक्षा कर्मियों को पुलिस थाना जाकर संपर्क करने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रभारी के निर्देशानुसार दो सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस थाने का रुख किया तथा थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मियों को अपने साथ अस्पताल लेकर आए। पुलिस आने की सूचना से ही हुड़दंगी अस्पताल से भाग निकले।
कोट्स
पुलिस की लापरवाही आई सामने
उधर, अस्पताल प्रभारी एसके महाजन ने कहा है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही साफ तौर पर झलकती है। अस्पताल में कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी। रात के समय यदि पुलिस फोन न उठाए तो अस्पताल में चिकित्सकों, मरीज तथा स्टाफ की सुरक्षा किसके भरोसे होगी। अस्पताल में कुछ समय से चिकित्सकों के साथ शरारती तत्वों के दुर्व्यवहार की घटनाएं आम हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय में पुलिस के दो जवानों को तैनात किया जाए।
होगी जांच, पुलिस जवान होंगे तैनात
वहीं, एसडीएम डा. सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में हुई रात की घटना की जांच की जाएगी तथा अस्पताल में रात को पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे।
यह है मामला
बुधवार रात करीब 12:30 बजे 2-3 युवक एक घायल युवक को अस्पताल में लाए। जब युवक को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा था तो 20-25 युवक अस्पताल में घुसे और बहसबाजी के बाद एक -दूसरे के साथ हाथापाई पर उतर आए। चिकित्सक ने कहा कि उन्होंने युवकों से कई बाहर बाहर जाने को कहा। लेकिन, सभी लोग तैश में थे और मारपीट करते रहे।