धर्मशाला में मटौर-शिमला और मंडी-पठानकोट फोरलेन निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण कार्यों में तेजी लाने ?
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धर्मशाला। फोरलेन की जद में आने वाले सैकड़ों भवन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उनके लिए मुआवजा दरें नए सिरे से निर्धारित की जाएंगी। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की ओर से पहले निर्धारित की गईं दरें कम हैं। वह मटौर-शिमला और मंडी-पठानकोट फोरलेन निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण कार्यों में तेजी लाने तथा नेशनल हाईवे के नाम भू इंतकाल की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
डीसी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत लंबित मामलों की औपचारिकताएं पूर्ण कर हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। इसके साथ ही फोरलेन निर्माण की जद में आने वाले भवनों की लागत का मूल्याकंन प्रक्रिया का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पांच फरवरी तक फोरलेन से जुड़ी सभी त्रुटियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मटौर-शिमला फोेरलेन के तीन पैकेज और सब पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इसमें कांगड़ा जिले में 54 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं मंडी-पठानकोट फोरलेन के तहत पांच पैकेज और सब पैकेज निर्धारित किए गए हैं। इसमें जिले में 124 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण प्रस्तावित है।
उपायुक्त ने कहा कि मंडी-पठानकोट तथा मटौर-शिमला फोरलेन निर्माण के तहत नूरपुर, जवाली, शाहपुर, कांगड़ा, नगरोटा, पालमपुर, ज्वालाजी, देहरा उपमंडलों की भूमि चिह्नित की गई है। उन्होंने सभी उपमंडलों के उपमंडलाधिकारियों को फोरलेन निर्माण से संबंधित भू-अधिग्रहण तथा एनएच के नाम भू-इंतकाल के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि फोरलन से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करें, ताकि फोरलेन निर्माण कार्य की दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। इस अवसर पर एडीएम रोहित राठौर सहित मंडी-पठानकोट तथा मटौर-शिमला फोरलेन निर्माण से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे।