ज्वालामुखी मंदिर में सप्तमी को लाइनो में लगे श्रद्धालु ।संवाद
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन बुधवार को मां ज्वाला का प्रकटोत्सव मनाया। इस दौरान मां ज्वाला को 56 भोग लगाए। दिन भर मां के नाम का गुणगान होता रहा और मंदिर जयकारों से गूंजता रहा।
मान्यता है कि मां ज्वाला इसी दिन ज्वालामुखी में ज्योति के रूप में प्रकट हुई थीं। पुजारी महासभा के प्रधान और न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा, दिव्यांशु भूषण दत्त और जितेश शर्मा ने बताया कि बुधवार देर रात पूजा और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद ज्वाला मां का शृंगार किया, जिसमें माता के वस्त्र, आभूषण, चांदी का छत्र और पांच प्रकार के ऋतु फल, पांच प्रकार के मिष्ठान, दूध, मावा का भोग भी लगाया जाएगा। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा का कहना है कि मंदिर के पुजारी वर्ग की ओर से 4 जुलाई को भंडारे का भी आयोजन मंदिर लंगर भवन हाल में किया जाएगा। 4 जुलाई को ही नौ दिन तक चले गुप्त नवरात्र का महायज्ञ कन्या पूजन के साथ समाप्त हो जाएगा।