दूर की तरह तार पदार्थ को देखते लोग (फाइल फोटो)
डरोह (कांगड़ा)। चांदड़ बमियाल के दुधिया पहाड़ से निकल रहे सफेद रंग के पानी को पीने योग्य नहीं पाया गया है। जल शक्ति विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस पानी में अत्यधिक मैलापन और बैक्टीरिया मौजूद हैं। इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं और महामारी फैलने का खतरा है। अधिकारियों ने पानी का सेवन न करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस दूधनुमा पानी को भोले बाबा का प्रसाद मानकर पीया और घरों में ले जाया जा रहा है। कुछ लोग इसे यहां आस्था बस आने वालों को पीने के लिए भी दे रहे हैं। रोजाना सैकड़ों लोग यहां माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक न लगाई गई तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उधर, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पानी का किसी भी तरह से पीने या भोजन बनाने में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए और पंचायत व प्रशासन इस दिशा में सतर्क रहेंगे।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता संदीप चौधरी ने बताया कि निरीक्षण और लैब परीक्षण के बाद यह पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि पानी में बैक्टीरिया की मात्रा सामान्य से अधिक है। इसे पीने या खाना बनाने के लिए उपयोग करने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस पानी का किसी भी तरह से उपयोग न करें।
वहीं खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) भवारना नवीन राणा ने ग्राम पंचायत चांदड़ बमियाल की प्रधान को पत्र लिखकर कहा कि यह पानी लोगों के लिए खतरनाक है और इसे पीने से बीमारी फैलने का खतरा है। पंचायत और स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया है कि यह सूचना ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए और पानी के सेवन पर रोक लगाई जाए। उपमंडल अधिकारी पालमपुर और विकास खंड अधिकारी सुलह व भवारना को भी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए लिखा है।