देहरागोपीपुर/सुलयाली (कांगड़ा)। देशभर में अलर्ट के बीच जिला के स्कूल और कॉलेजों के शिक्षकों और छात्रों ने मॉक ड्रिल का अभ्यास किया। इस दौरान शिक्षकों और बच्चों को किसी भी प्रकार के आपातकाल में स्वयं तथा अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखने के बारे में जानकारी दी गई।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय औंद में भारत सरकार और एसडीएम नूरपुर के दिशा-निर्देश पर स्कूल में बच्चों को आत्मसुरक्षा के गुर सिखाए गए और बच्चों को वायु सेना हमले में किस तरह अपना और अपने आसपास के लोगों का बचाव करना होगा, उसके बारे में जानकारियां दी गईं। विद्यालय की उप प्रधानाचार्य भारतेंदु चौधरी ने कहा कि निर्देशानुसार युद्ध की स्थिति बन रही है और कभी भी युद्ध हो सकता है। इसमें वायु हमले से बचने के लिए हमारे स्कूल में एक मॉक ड्रिल करवाई गई। इसमें स्कूल के 275 बच्चों और स्कूल शिक्षकों ने भाग लिया।
वहीं, राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में रोवर रेंजर, एनएसएस स्वयंसेवियों, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और रोड सेफ्टी क्लब के स्वयंसेवियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल से पहले प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने छात्रों को हूटर बजने पर किस प्रकार व्यवहार करना है और कौन-कौन से सुरक्षित स्थानों का चयन किया जाना चाहिए, के बारे में विस्तार से बताया।
इसके बाद सायरन बजाकर छात्रों को सुरक्षित स्थान चुनने का अभ्यास करवाया गया। छात्रों ने भागकर सुरक्षित स्थान चुनकर सुरक्षा का अभ्यास किया। इसके अलावा बच्चों ने भी अश्वासन दिया है कि अगर देश को हमारी जरूरत पड़ती है तो हम हमेशा देश के साथ खड़े रहेंगे।